युवाओं को तकनीक और नवाचार से जुड़ने की जरूरत : राज्यपाल
-बापू प्रेक्षा गृह में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने एक्स आर्मी एवं उनके परिवार को सम्मान देने की अपील की
-चंपारण सत्याग्रह सिर्फ गौरव का विषय नहीं युवाओं को उससे सीखने की है जरूरत
मोतिहारी। बापू प्रेक्षागृह में बुधवार को आयोजित ‘जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान’ सम्मेलन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने चंपारण के इतिहास को वर्तमान के भारत की जरूरतों से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि चंपारण सत्याग्रह सिर्फ इतिहास की घटना नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि दृढ़ संकल्प, सही नेतृत्व और जनता की भागीदारी से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है।

सत्याग्रह के अग्रणी राजकुमार शुक्ल के पास कोई बड़ी राजनीतिक ताकत नहीं थी, लेकिन किसानों की पीड़ा को लेकर उनका संकल्प मजबूत था। उनकी पहल ने गांधीजी को चंपारण तक पहुंचाया और यहां से निकली आवाज पूरे देश में गूंजी। उन्होंने कहा कि इतिहास पर सिर्फ गौरवान्वित नहीं होये अपितु उससे सीख लेने की जरूरत है।

उन्होने कहा कुछ चुनौतियां आज बदल गई हैं , देश को मजबूत बनाने के लिए जवान, किसान और विज्ञान, तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीमा की सुरक्षा जवान करता है, खाद्य सुरक्षा किसान सुनिश्चित करता है और विज्ञान देश को भविष्य की चुनौतियों से मुकाबला करने की ताकत देता है।
राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा का दायरा काफी बढ़ गया है। अब केवल सीमा पर सैन्य ताकत पर्याप्त नहीं है। खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक, साइबर क्षमता, संचार और वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता भी देश की रणनीतिक ताकत हैं।

आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक संचार, निगरानी प्रणाली और अत्याधुनिक उपकरण आने वाले समय में सुरक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे। उन्होंने युवाओं को तकनीक और नवाचार से जोड़ने की जरूरत बताई।
राज्यपाल ने कृषि को विज्ञान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। कहा कि कृषि अनुसंधान का फायदा तभी है, जब वह प्रयोगशाला से निकलकर किसान के खेत तक पहुंचे। बेहतर बीज, मौसम की जानकारी, आधुनिक सिंचाई, कृषि मशीनरी और वैज्ञानिक सलाह से खेती की लागत कम और उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। युवाओं को केवल नौकरी खोजने तक सीमित नहीं रहने की अपील की। कहा कि युवा नई तकनीक सीखें, अनुसंधान करें और रोजगार पैदा करने वाले उद्यम खड़े करें।
भारत की युवा शक्ति और वैज्ञानिक क्षमता को साथ जोड़ना आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी कुंजी हो सकती है। राज्यपाल ने सैनिकों और उनके परिवाराें काे समाज से हर संभव सहयाेग देने की नसीहत दी। एक सैनिक अपनी नाैकरी के समय अपनी जिंदगी काे देश के लिए हस्ताक्षर कर जाता है। जब वह एक्स बन जाता है तब समाज की जिम्मेवारी बनती है कि उनका और उनके परिवार का सहयाेग किया जाए।
इस अवसर पर पूर्व केद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद राधामोहन सिंह ने राज्यपाल को सम्मानित किया। वही राजपाल ने उन्हें सलामी देने वाले सभी पुलिसकर्मियों को मिठाई दिलाकर सबके चेहरे पर मुस्कान ला दिए।

