केन्द्र सरकार आधुनिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध: प्रधानमंत्री

केन्द्र सरकार आधुनिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध: प्रधानमंत्री
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार 21वीं सदी का आधुनिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आज खेल विश्वविद्यालय से लेकर आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर तक देश में एक व्यवस्था तैयार की जा रही है।इस व्यवस्था में प्रतिभा को पहचानने से लेकर उसे दुनिया के मंच तक पहुंचने तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार दुनिया के दूसरे देशों के साथ भी खेल विज्ञान, अभ्यास, प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने के लिए सहयोग बढ़ा रही हैं। इसे कितना गंभीरता से लिया किया जा रहा है ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ इसका एक उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ को संबोधित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया संवाद सिर्फ खेल की बात करने का कार्यक्रम नहीं है। यह खिलाड़ियों के विचार और आकांक्षाओं को देश के सपनों से जोड़ने का बहुत बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा, “हम अक्सर सुनते हैं कि एक स्वस्थ समाज के लिए खेल भावना का होना आवश्यक है। लेकिन मैदान में उतरे बिना इसे विकसित करना बहुत मुश्किल है। खेल हमें न केवल चैंपियन बनना सिखाता है बल्कि बेहतर प्रतिस्पर्धी बनना भी सिखाता है।”नरेन्द्र मोदी ने बताया कि लालकिला से उन्होंने 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रतिभाओं की पहचान के लिए एक व्यापक प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा की थी। हमें केवल यह नहीं देखना है कि बच्चे किस खेल में रुचि रखते हैं, बल्कि यह भी देखना है कि कौन-सा खेल उनके लिए सबसे उपयुक्त है। हमें उन्हें उसी के अनुसार प्रशिक्षित करना होगा। इस मामले में आपको सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। हमारी सरकार 21वीं सदी के लिए एक आधुनिक खेल प्रणाली विकसित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने लालकिला के अपने भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के समक्ष इस समय खेलों से जुड़ी एक बड़ी चुनौती है। भारत की टीम ओलंपिक के आधे खेलों में हिस्सा नहीं लेती और यह दशकों से चला आ रहा है। उन्होंने सर्फिंग और सपोर्ट क्लाइंबिंग का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, “हमारे देश के पास जनसंख्यिकी और भौगोलिक दोनों दृष्टि से स्थिति मजबूत है लेकिन फिर भी हमारा इन खेलों में मजबूत प्रतिनिधित्व नहीं है।

उन्होंने कहा, “आज देश का प्रयास है कि इन खेलों में पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाए और आगे की बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।”प्रधानमंत्री ने इस दौरान 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी और मेजर ध्यानचंद को याद किया। उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पहले भारतीय सेना की एक हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में मेजर ध्यानचंद भी थे। वह टूर भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने का आधार है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है।

राष्ट्रव्यापी ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page