गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच और आरोपितों को किया गिरफ्तार

गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच और आरोपितों को किया गिरफ्तार
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गांधीनगर। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पांच और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले एटीएस इस मामले में आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।इन्हीं आरोपितों से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर इन पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपित गुजरात के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। कड़ी अदालत ने पांचों आरोपितों को आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

एटीएस के अनुसार गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपित पहले गिरफ्तार किए गए आठ आरोपितों के संपर्क में थे और कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री का परीक्षण भी कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने अलग-अलग स्थानों पर कई बार विस्फोटकों का परीक्षण किया था। जांच एजेंसी को आरोपितों के मोबाइल फोन से बम बनाने से संबंधित पीडीएफ दस्तावेज, जिहादी साहित्य और विस्फोटक तैयार करने की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े साहित्य का अध्ययन कर रहे थे।एटीएस की जांच में यह भी सामने आया कि मामले के कथित मुख्य सूत्रधार मोहम्मद अमीन के पास से बम बनाने की सामग्री बरामद हुई थी। आरोप है कि मोहम्मद अयूब कड़ीवाला ने इसी सामग्री की सहायता से टाइम बम बनाने का प्रयास किया था, हालांकि वह सफल नहीं हो सका। बाद में यह सामग्री बिलाल आबिदभाई शेरा को पहुंचाई गई थी।

गिरफ्तार पांच आरोपितों का नाम

-बिलाल आबिदभाई शेरा

-मोहम्मद अयूब कड़ीवाला

-मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खली अयूब सुणसरा

-शाफिय रईस मुखी

-मोहम्मद हसन हनीफभाई करडिया

पांचों आरोपितों को कड़ी अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सहायक लोक अभियोजक (सरकारी वकील) पीआर दंताणी ने अदालत के समक्ष विस्तृत दलीलें पेश करते हुए पुलिस रिमांड की मांग की। उन्होंने कुल 13 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आगे की जांच की आवश्यकता बताई। इनमें टाइम बम बनाने की सामग्री कहां से लाई गई, उसे कहां छिपाया गया है, जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित जिहादी साहित्य और पुस्तकें किसके माध्यम से प्राप्त की गईं, देशविरोधी गतिविधियों के लिए जुटाए गए संसाधनों एवं धन के स्रोत तथा अन्य सहयोगियों की पहचान जैसे अहम मुद्दे शामिल थे।सरकारी पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए अदालत ने सभी पांच आरोपितों के आठ दिन के पुलिस रिमांड को मंजूरी दे दी। एटीएस अब इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, उनके वित्तीय स्रोतों, विस्फोटक सामग्री की उपलब्धता तथा कथित साजिश के उद्देश्य की गहन जांच कर रही है।

anand prakash

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