भरत तिवारी एनकांउटर मामले की होगी न्यायिक जांच:सम्राट चौधरी

भरत तिवारी एनकांउटर मामले की होगी न्यायिक जांच:सम्राट चौधरी
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पटना।भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है। दरअसल, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर परिजन लगातार पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट में कहा कि भोजपुर जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलोटी गांव में 17 जून 2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करना है। सरकार का कहना है कि जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों को निष्पक्ष तरीके से सामने लाना है, ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा था कि घटना से जुड़े वीडियो कई तरह के संदेह पैदा करते हैं। उन्होंने 4 पुलिसकर्मियों के निलंबन को पर्याप्त नहीं बताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विस्तृत जांच की मांग की थी।

संजय झा ने कहा था कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने भी कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी उसी कठोरता से कार्रवाई होनी चाहिए, जैसी किसी अपराधी के खिलाफ की जाती है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे ने भी इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था तो फिर गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग की थी। भरत तिवारी एनकाउंटर की गूंज बिहार से निकलकर झारखंड तक पहुंच गई है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इस मामले को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला।जेएमएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पुलिस कार्रवाई को सवालों के घेरे में खड़ा किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी सरकार और पुलिस पर निशाना साधते हुए भरत तिवारी की तुलना शहीद भगत सिंह से कर दी। भारत तिवारी के एनकाउंटर के बाद पुलिस की ओर से दर्ज मामलों में मृतक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपी बनाया गया। दूसरी ओर भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आशा देवी ने जगदीशपुर एसडीपीओ और शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव, पुलिस कार्रवाई पर उठते सवाल और विभिन्न पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सरकार का न्यायिक जांच का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुआई में होने वाली जांच से घटना की सच्चाई किस रूप में सामने आती है और जिम्मेदारी किस पर तय होती है।

anand prakash

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