पटना में 22 जून को होगा अति पिछड़ा सम्मेलन, सामाजिक एकजुटता-जागरूकता पर रहेगा जोर

पटना में 22 जून को होगा अति पिछड़ा सम्मेलन, सामाजिक एकजुटता-जागरूकता पर रहेगा जोर
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पटना। आगामी 22 जून को राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में अति पिछड़ा सम्मेलन, अभिनंदन सह आभार समारोह का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन सुबह 10 बजे से शुरू होगा।कार्यक्रम को लेकर शनिवार को होटल रेड वेल्वेट में आयोजित पत्रकार वार्ता में बिहार सरकार के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने आयोजन की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी।

डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि अति पिछड़ा समाज जनसंख्या के लिहाज से एक बड़ा वर्ग है, लेकिन उसकी वास्तविक ताकत तब सामने आएगी जब समाज एकजुट होकर अपने अधिकारों, हितों और विकास के मुद्दों पर संगठित रूप से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना, सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद स्थापित करना है।

मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र की सरकार द्वारा अति पिछड़ा समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उनके अनुसार, इन प्रयासों के कारण समाज के बड़े वर्ग का रुझान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर बढ़ा है। हालांकि, समय-समय पर कुछ लोग इस समाज को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं, इसलिए जागरूकता और संवाद की आवश्यकता और बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने से अति पिछड़ा समाज का गौरव बढ़ा है। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर समाज को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित कर सामाजिक न्याय और समानता के संदेश को और मजबूत किया गया है।

डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि बिहार से भाजपा के अति पिछड़ा समाज के पांच सांसद हैं, जिनमें दो लोकसभा और तीन राज्यसभा सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा बिहार मंत्रिमंडल में ओबीसी वर्ग से चार मंत्री तथा केंद्र सरकार में 28 ओबीसी मंत्री कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में बिहार में दो नए विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन के बाद भाजपा से अति पिछड़ा समाज के कुल पांच विधान परिषद सदस्य हो गए हैं।

मंत्री ने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना, हर घर नल का जल, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से अति पिछड़ा समाज के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। इन योजनाओं ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों में नई उम्मीद जगाई है।

उन्होंने बताया कि 22 जून को होने वाले सम्मेलन में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा। साथ ही हाल ही में निर्वाचित अति पिछड़ा समाज के विधान परिषद सदस्यों का अभिनंदन और सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

मंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन अति पिछड़ा समाज की एकजुटता, सामाजिक चेतना और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। इसके माध्यम से समाज की आकांक्षाओं, समस्याओं और सुझावों को व्यापक स्तर पर रखने का अवसर मिलेगा।

पत्रकार वार्ता में नितिन अभिषेक, नंद प्रसाद चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।

anand prakash

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