भारत की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन में बने नए कीर्तिमान :संजय सरावगी

भारत की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन में बने नए कीर्तिमान :संजय सरावगी
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पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों, विरासत और आस्था को भी नई पहचान और गौरव प्रदान किया है।उन्होंने कहा कि “जड़ों से जुड़ रहा हिंदुस्तान, यही है नए भारत की पहचान” का संकल्प आज धरातल पर साकार होता दिखाई दे रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। आज अयोध्या राम मंदिर से लेकर काशी विश्वनाथ धाम, केदारनाथ मंदिर से लेकर महाकुंभ 2025 तक देश अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व मंच पर अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ मजबूती से खड़ा है और देश में 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हमारी समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में देश की धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। इस अवधि में लगभग 12 लाख पुरावशेषों का डिजिटल संरक्षण किया गया है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 1700 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से 11 जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय स्थापित किए गए हैं। वहीं विदेशों में पहुंच चुकी भारत की अमूल्य धरोहरों को वापस लाने के प्रयासों के तहत 668 पुरावशेष एवं मूर्तियां भारत को वापस प्राप्त हुई हैं, जो राष्ट्रीय गौरव का विषय है।

उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में धार्मिक स्थलों के विकास और बेहतर सुविधाओं का ही परिणाम है कि करोड़ों श्रद्धालु देश के प्रमुख तीर्थस्थलों तक पहुंच रहे हैं। अब तक 16 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि 1 करोड़ 47 लाख श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया है। इसी प्रकार 54 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की और 16 लाख श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम में दर्शन किए हैं।उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अब तक 26 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी रही है, जबकि महाकुंभ 2025 में 66 करोड़ श्रद्धालुओं की सहभागिता ने विश्व को भारत की आध्यात्मिक शक्ति का परिचय कराया है।

अंत में संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के ये 12 वर्ष केवल विकास के नहीं, बल्कि विश्वास, सांस्कृतिक गौरव, विरासत संरक्षण और जनकल्याण के भी 12 स्वर्णिम वर्ष हैं। नया भारत अपनी परंपराओं को संजोते हुए आधुनिकता के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है और विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है।

anand prakash

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