पं.बंगाल काे एक लाख करोड़ की साैगात, दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन समेत 61 नई रेल परियोजनाओं का ऐलान

पं.बंगाल काे एक लाख करोड़ की साैगात, दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन समेत 61 नई रेल परियोजनाओं का ऐलान
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में रेल बुनियादी ढांचे को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार ने लगभग एक लाख करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं की घोषणा की है।इन योजनाओं में दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, 102 अमृत भारत स्टेशन, 61 नई रेल परियोजनाएं, 538 फ्लाईओवर और अंडरपास तथा कोलकाता मेट्रो के बड़े विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।

इन परियोजनाओं की घोषणा शनिवार को नबान्न (राज्य सचिवालय) में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद की गई। बैठक में रेलवे और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इसे राज्य में रेल विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच नए सहयोगात्मक दौर की शुरुआत माना जा रहा है।

बैठक के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली को वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी से जोड़ेगा। परियोजना के पूरा होने पर उत्तर बंगाल और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और यह लगभग छह घंटे तक सीमित हो सकता है। इससे क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पश्चिम बंगाल के 102 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इनमें से 10 स्टेशनों पर कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष स्टेशनों पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके अलावा राज्यभर में 538 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

रेल मंत्रालय ने 61 नई रेल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से करिमपुर, जालंगी, लालगढ़, गोपीबल्लभपुर, नयाग्राम, हीली, सागर द्वीप और सुंदरबन जैसे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जो लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की मांग कर रहे हैं।

कोलकाता मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भी इस पैकेज में प्रमुखता दी गई है। अगले पांच वर्षों में मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की ट्रेनों को शामिल किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और अधिक क्षमता उपलब्ध होगी। साथ ही डानकुनी से सूरत तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर भी चर्चा हुई, जिसे औद्योगिक विकास और माल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में पश्चिम बंगाल के लिए 14,205 करोड़ का रिकॉर्ड रेल बजट आवंटित किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार रेल परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं आने देगी और सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बैठक में आश्वासन दिया कि राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित रेल परियोजनाओं के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने माना कि अतीत में समन्वय की कमी और प्रशासनिक बाधाओं के कारण कई परियोजनाएं वर्षों तक लंबित रहीं। हालांकि अब बेहतर सहयोग और स्पष्ट रणनीति के साथ इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

रेल मंत्री ने नबान्न पहुंचने से पहले कोलकाता मेट्रो में यात्रा कर यात्रियों से संवाद भी किया। उनकी यह यात्रा और बैठक राज्य में रेल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

anand prakash

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