भारत-वेनेजुएला के बीच ऊर्जा साझेदारी पर जोर, आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी चर्चा

भारत-वेनेजुएला के बीच ऊर्जा साझेदारी पर जोर, आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी चर्चा
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नई दिल्ली। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेनेजुएला के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के दौरान दोनों देशों ने खनन क्षेत्र में संभावित सहयोग और संसाधनों के आकलन को लेकर भी चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में से एक है, जबकि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के कारण तेल का बड़ा उपभोक्ता है। ऐसे में हम दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बेहतरीन तालमेल देखते हैं।

टंडन ने बताया कि भारत की स्पॉट खरीद में वेनेजुएला इस महीने तीसरे सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है। इसी कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वेनेजुएला के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में ऊर्जा साझेदारी प्रमुख विषय रही। वेनेजुएला का ऊर्जा क्षेत्र व्यापक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और वह भारत को आने वाले वर्षों के लिए एक स्थिर मांग वाले साझेदार के रूप में देखता है। दोनों देशों के बीच अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों स्तरों पर सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं।

विदेश मंत्रालय के सचिव ने कहा कि वेनेजुएला केवल ऊर्जा संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोना, हीरे और अन्य खनिज संपदाओं से भी समृद्ध देश है। दोनों पक्षों के बीच खनन क्षेत्र में संभावित सहयोग और संसाधनों के आकलन को लेकर भी चर्चा हुई, जिस पर आगे कार्य किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वेनेजुएला अब सतत आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दे रहा है। ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र के अलावा खनन, पशुपालन, परिवहन, कृषि उपकरण निर्माण, ऑटोमोबाइल और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों में भी भारतीय कंपनियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं। दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में नए आर्थिक सहयोग और भारतीय कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

टंडन के अनुसार कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिग्ज 3 जून से भारत यात्रा पर हैं। उनके साथ विदेश, संचार एवं सूचना, अर्थव्यवस्था एवं वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा परिवहन मंत्रियों सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ आधिकारिक वार्ता की, जो कार्यकारी भोज तक चली। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनसे मुलाकात की, जबकि पेट्रोलियम मंत्री भी उनसे मुलाकात करने वाले हैं।

ब्रिक्स के मुद्दे पर टंडन ने कहा कि बातचीत में इसका उल्लेख हुआ, लेकिन मुख्य रूप से भारत और प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिक्स अध्यक्षता की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत सकारात्मक, व्यावहारिक और सार्थक रही। वेनेजुएला ने कठिन और अच्छे दोनों समय में भारत के समर्थन की सराहना की तथा भविष्य में भारत को अपने पसंदीदा साझेदारों में से एक बताया।

रोड्रिग्ज बुधवार को भारत और वेनेजुएला के बीच संबंधों को और गहरा करने के उद्देश्य से पांच दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचीं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने विगत चार जनवरी को वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से रोड्रिग्ज कार्यवाहक राष्ट्रपति बनी हैं। उनकी यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य संकट की वजह से भारत वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है।

anand prakash

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