शुभेंदु मंत्रिमंडल में राजवंशी, मतुआ और आदिवासी समुदाय सहित सभी क्षेत्रों को मिला प्रतिनिधित्व

शुभेंदु मंत्रिमंडल में राजवंशी, मतुआ और आदिवासी समुदाय सहित सभी क्षेत्रों को मिला प्रतिनिधित्व
Facebook WhatsApp

कोलकाता। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।उनके मंत्रिपरिषद में पांच विधायकों को शामिल किया गया है। इनमें उत्तर बंगाल से दो और दक्षिण बंगाल से तीन विधायकाें को जगह दी गई है। नये मंत्रिमंडल में आदिवासी, मतुआ और राजवंशी क्षेत्रों के विधायकों को शामिल कर सबका साथ सबका विकास का संदेश देने की कोशिश की गई है।

भवानीपुर और नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी विजयी हुए हैं। खड़गपुर सदर से दिलीप घोष जीते हैं। आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा जीती हैं। बनगांव उत्तर से अशोक कीर्तनिया, बांकुड़ा के रानीबांध केंद्र से क्षुदिराम टुडू और कूचबिहार के माथाभांगा से निशीथ प्रमाणिक विजयी हुए हैं। हालांकि मंत्रियों के विभागों की घोषणा अभी नहीं की गई है।

दिलीप घोष – लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)

के प्रचारक रहे दिलीप घोष 2015-2021 तक बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे।2016 के विधानसभा चुनाव में खड़गपुर सदर सीट से जीतकर पहली बार विधायक बने थे। 10 साल बाद फिर उसी खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की।

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें मेदिनीपुर सीट से टिकट दिया था। तृणमूल के मानस भुइयां को लगभग 90 हजार वोटों से हराकर उनकी संसदीय राजनीति की शुरुआत हुई। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी सीट बदल दी गई और उन्हें बर्धमान-दुर्गापुर सीट से चुनाव लड़ाया गया, लेकिन वे हार गए।

अग्निमित्रा पाल – पेशे से फैशन डिजाईनर अग्निमित्रा पाल ने 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा का दामन थामा। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।

2021 में वे आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार बनीं और तृणमूल की सायनी घोष को हराकर विधायक बनीं। इस बार भी पार्टी ने उन्हें उसी सीट से टिकट दिया और वे दूसरी बार भी बड़े अंतर से जीत गईं।

अशोक कीर्तनिया – मतुआ समुदाय से ताल्लुक रखने वाले अशोक कीर्तनिया 2021 मेंउत्तर 24 परगना जिले के मतुआ बहुल सीट बनगांव उत्तर सीट से जीते थे।

इस बार भी पार्टी ने उसी सीट पर उन पर भरोसा जताया। उन्होंने पार्टी के विश्वास को कायम रखा और लगातार दूसरी बार चुनाव में जीत दर्ज कर शुभेंदु की मंत्रिपरिषद में जगह बनाई।

क्षुदिराम टुडू – आदिवासी समुदाय से आने वाले क्षुदिराम टुडू इससे पहले भी दो बार रानीबांध सीट से चुनाव लड़ चुके थे। आदिवासी चेहरे के रूप में पार्टी ने उन्हें चुना था।

इस बार भी भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। वे चुनाव जीते और शुभेंदु की मंत्रिपरिषद में भी शामिल हुए। राजनीति मे पदार्पण से पहले टुडू शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।

निशीथ प्रमाणिक – राज्य में लंबे समय तक तृणमूल युवा ब्रिगेड का चेहरा रहे निशिथ प्रमाणिक ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का रुख किया था। पार्टी ने संसदीय चुनाव में उन्हें कूचबिहार से टिकट दिया और वे जीतकर संसद पहुंचे थे। बाद में वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डिप्टी बने।

2024 के लोकसभा चुनाव में वे उसी कूचबिहार सीट से हार गए थे। इस बार भाजपा ने उन्हें राजवंशी बहुल कूचबिहार की माथाभांगा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। पार्टी ने राजवंशी समीकरण को ध्यान में रखते हुए उन्हें मैदान में उतारा था। उन्होंने वहां से जीत दर्ज की जिसके बाद उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page