बिहार में सम्राट मंत्रिमंडल का विस्तार,निशांत समेत इन नेताओ को मिली जगह
पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में पटना के ऐतिहासिक गांधी मैंदना में गुरुवार दोपहर सम्राट मंत्रिमंडल का विस्तार के साथ शपथ ग्रहण समारोह का आयाेजन हुआ।शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से 15 और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से 12 मंत्रियों ने शपथ ली। इसके अलावा दो लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से एक-एक मंत्रियों ने शपथ ली।
बिहार मंत्रिमंडल का स्वरुप
सम्राट चौधरी – कोइरी (मुख्यमंत्री),विजय चौधरी – भूमिहार(उपमुख्यमंत्री),बिजेंद्र प्रसाद यादव – यादव (उपमुख्यमंत्री
भाजपा कोटे से मंत्री
1. राम कृपाल यादव – यादव 2. केदार गुप्ता – कानू 3. नीतीश मिश्रा – ब्राह्मण 4. मिथलेश तिवारी – ब्राह्मण 5. रमा निषाद – मल्लाह 6. विजय कुमार सिन्हा – भूमिहार 7. दिलीप जायसवाल – कलवार 8. प्रमोद चंद्रवंशी -चंद्रवंशी 9. लखेन्द्र पासवान – पासी (दलित) 10. संजय टाइगर- राजपूत 11. इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र- भूमिहार 12. नंद किशोर राम- दलित13. रामचंद्र प्रसाद – वैश्य14. अरुण शंकर प्रसाद – सूड़ी 15. श्रेयसी सिंह – राजपूत
जदयू कोटे से मंत्री
1. निशांत कुमार- कुर्मी 2. श्रवण कुमार – कुर्मी 3. अशोक चौधरी- पासी (दलित)4. लेसी सिंह- राजपूत5. मदन सहनी- मल्लाह6. सुनील कुमार- दलित7. जमा खान- अल्पसंख्यक8. भगवान सिंह कुशवाहा- कोइरी9. शीला मंडल- धानुक10. दामोदर राउत – धानुक11. बुलो मंडल – गंगोता 12. रत्नेश सदा – धोबी (दलित)
लोजपा (आर) कोटे से मंत्री
1. संजय पासवान – दलित 2. संजय सिंह – राजपूत
हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम)
संतोष मांझी – दलित
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम)
दीपक प्रकाश – कोइरी
सबसे ज्यादा भाजपा में बनिया जाति की भागीदारी
सूड़ी – 2 (अरुण शंकर प्रसाद, श्वेता गुप्ता)
कलवार – 1 (दिलीप जायसवाल) कानू – 1 (केदार गुप्ता) तेली – 1 (रामचंद्र प्रसाद)
दलित वर्ग से कुल 7 मंत्री
पासवान – 2 मंत्री – लखेंद्र पासवान, संजय पासवान
रविदास – 2 मंत्री-नंद किशोर राम, सुनील कुमार मुसहर – 2 मंत्री- रत्नेश सदा, संतोष कुमार सुमन,पासी – 1 मंत्री- अशोक चौधरी
सम्राट कैबिनेट में मुस्लिम कोटे से सिर्फ एक मंत्री जमा खान बने हैं। भाजपा ने अपने कोर सवर्ण वोट बैंक के साथ-साथ वैश्य, यादव, निषाद, पासवान और रविदास समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया है। पार्टी ने खास तौर पर वैश्य समुदाय को बड़ी हिस्सेदारी देकर व्यापारिक वर्ग को साधने की कोशिश की है।

