उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, महाकालेश्वर मंदिर में डिजिटल दर्शन व्यवस्था लागू

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज, महाकालेश्वर मंदिर में डिजिटल दर्शन व्यवस्था लागू
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भेपाल। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 (महाकुंभ) की तैयारियां जोर-शोर से जारी है। यहां विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में अब दर्शन, भस्म आरती और अन्नदान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है।श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भस्म आरती, वीआईपी दर्शन और अब अन्नदान के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

उज्जैन कलेक्टर एवं महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रौशन कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को ध्यान में रखते हुए मंदिर में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम दर्शन व्यवस्था देने के लिए कई बड़े बदलाव करने जा रहा है, जिससे आने वाले समय में भक्तों को ज्यादा सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में डिजिटल दर्शन व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन और पारदर्शिता बढ़ाना है।

कलेक्टर सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, इसलिए अभी महाकाल लोक में फागिंग फव्वारे लगाए गए हैं। इसके अलावा अब करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से फैब्रिकेशन शेड भी जल्द लगाया जाएगा। इसके साथ ही दर्शन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए मंदिर में कर आधारित बैरियर्स लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को लाइन में आसानी होगी और भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा।

उन्होंने बताया कि अब तक ज्यादातर श्रद्धालु सिर्फ सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती के बारे में ही जानते हैं। लेकिन अब मंदिर प्रशासन सांध्य आरती और शयन आरती के महत्व की जानकारी भी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने की योजना बना रहा है। इस पहल का उद्देश्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इन आरतियों में भी शामिल होकर धार्मिक लाभ ले सकें।

उन्होंने बताया कि मंदिर की वेबसाइट पर अन्नक्षेत्र मॉड्यूल शुरू किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को ऑनलाइन सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंदिर समिति का 29974.37 लाख रुपये का प्रस्तावित बजट भी पारित किया गया है। सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए मंदिर में 80 नई स्टील दानपेटियां लगाई जाएंगी। वहीं सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए करीब 1000 बैरिकेड्स लगाने की मंजूरी भी दी गई है। इन सभी तैयारियों का मुख्य उद्देश्य है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज दर्शन मिल सके।

डिजिटल दर्शन व्यवस्था की मुख्य बातें:

भस्म आरती: इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और परमिशन अनिवार्य है।

अन्नदान सेवा: श्रद्धालु अब घर बैठे मंदिर की वेबसाइट पर जाकर अन्नदान की बुकिंग कर सकते हैं, जो विशेष अवसरों पर उपलब्ध होगी।

वीआईपी दर्शन (शीघ्र दर्शन): 250 रुपये प्रति व्यक्ति का टिकट ऑनलाइन बुक किया जा सकता है।

ऑनलाइन बुकिंग: श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 30 दिन पहले तक बुकिंग कर सकते हैं।

प्रोटोकॉल दर्शन: पुराने टोकन सिस्टम के बजाय, अब मोबाइल लिंक के माध्यम से दर्शन की सुविधा दी जा रही है।

प्रवेश पास: ऑनलाइन बुकिंग के बाद श्रद्धालु को एक ई-पास प्राप्त होगा, जिसे साथ लाना अनिवार्य है।

मोबाइल पर प्रतिबंध: मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है। यह व्यवस्था दर्शनार्थियों को सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित करने में भी मददगार साबित होगी।

anand prakash

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