पूर्वी चंपारण के भंडार गांव में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश को प्रशासन ने किया नाकाम
-विष्णु महायज्ञ की कलश यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर दो गुटों में हुई हिंसक झड़प
पूर्वी चंपारण। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पचपकड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत भंडार गांव में सोमवार को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश जिला प्रशासन ने नाकाम कर दिया है।दरअसल यहां श्री विष्णु महायज्ञ के लिए निकली कलश यात्रा पर असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। जिसके बाद देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गये,और दोनो के बीच हिंसक झड़प होने लगी।इस दौरान दोनो पक्षो के बीच बीच-बचाव करने पहुंचे ढाका के प्रखंड विकास पदाधिकारी और कई पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।

जिसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे डीआईजी, डीएम व एसपी ने मोर्चा संभाला और हालात पर काबू पाया। मिली जानकारी के अनुसार,भंडार गांव में आयोजित विष्णु महायज्ञ को लेकर भव्य कलश यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मामला बातचीत से शुरू हुआ लेकिन अचानक उपद्रवियों ने कलश यात्रा को निशाना बनाते हुए पथराव शुरू कर दिया। हमले में ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षाबल निशाने पर आ गए, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और एसपी स्वर्ण प्रभात भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन उपद्रवी पीछे हटने को तैयार नहीं थे,लिहाजा इन अधिकारियों ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया। नतीजतन बीच रास्ते में रुकी हुई कलश यात्रा पूरे विधि विधान के साथ संपन्न हुई। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कहा कि “शांति और सौहार्द को बिगाड़ने वालो को बख्शा नही जायेगा।
वहीं, एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है। उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया है।फिलवक्त भंडार गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
एसपी ने जिले वासियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह पर ध्यान न दें। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल गांव में शांति समिति की बैठक कर भाईचारा कायम करने की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं।
वही मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी हरकिशोर राय ने कहा कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और यज्ञ की समाप्ति तक पुलिस कैंप वहां तैनात रहेगा। उन्होंने बताया कि पूरी घटना की वीडियोग्राफी के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कारवाई की जा रही है।

