गैर इरादतन हत्या मामले में एक को सात वर्षों का सश्रम कारावास

गैर इरादतन हत्या मामले में एक को सात वर्षों का सश्रम कारावास
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मोतिहारी। अनुसूचित जाति/जनजाति के अनन्य विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्रा ने गैर इरादतन हत्या मामले में नामजद एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए सात वर्षों का सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए है। अर्थ दंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

सजा पिपरा थाना के आमवा दामोदरपुर निवासी स्व.समतोला सहनी के पुत्र बंगाली सहनी को हुई। मामले में पकड़ीदयाल थाना के शेखपुरवा रोड़ निवासी नीरज करोड़ी ने पिपरा थाना कांड संख्या 159/2019 दर्ज कराया था।

जिसमें कहा था कि वे पिपरा थाना के आमवा गांव के एक बगीचा में विगत एक माह से तंबू गिरकर अपने परिजनों के साथ रह कर मधुमक्खी छुड़ाने का काम करते थे। 31 मई की रात्रि 10 बजे नामजद अभियुक्त जो बगल के प्लाई चिरान मिल में चौकीदारी का काम करता था, वह आया और बोला कि मिल के आगे क्यों पेड़ का छाल छिटकर गंदा किया है,अभी जाकर साफ करो। ऐसा नहीं करने पर वह मेरे साथ मारपीट करने लगा। बचाने आई मेरी पत्नी ललिता देवी को नामजद अभियुक्त लकड़ी के लुकाठी से सिर एवं नाक पर मार दी, जिससे वह जख्मी होकर वहीं गिर गई।

परिजन मुझे तथा मेरी पत्नी को गंभीर हालत में उसी रात सीएचसी चकिया लाए, जहां ईलाज के दौरान ललिता देवी की मौत हो गई। विशेष लोक अभियोजक रवि प्रकाश एवं सहायक अधिवक्ता अभिषेक प्रकाश ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद धारा 304(2) भादवि में दोषी पाते हुए नामजद अभियुक्त को उक्त सजा सुनाए। अभियुक्तों के कारागार में बिताए अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।

anand prakash

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