जानकी नवमी पर सीतामढ़ी पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पुनौराधाम में पूजा के बाद किया महोत्सव का उद्घाटन

जानकी नवमी पर सीतामढ़ी पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पुनौराधाम में पूजा के बाद किया महोत्सव का उद्घाटन
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सीतामढी। जानकी नवमी के अवसर पर शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को सीतामढ़ी के पवित्र पुनौराधाम पहुंचे। यहां उन्होंने माता जानकी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और सीताकुंड में जलाभिषेक कर आरती की।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सीतामढ़ी महोत्सव का भी उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मेरे लिए गौरव का विषय है कि मां सीता के आशीर्वाद से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर बैठने के बाद मां का आशीर्वाद लेने आया हूं। यहां की धरती में मां का जुड़ाव दिखता है।


उन्होने कहा कि अमित शाह जी और नीतीश जी जब भूमिपूजन करने आए थे उस दिन बारिश हुई थी। जितनी देर वो यहां रहे उतनी देर यहां बारिश होती रही।मां सीता के जन्म के समय भी हजारों साल पहले यहां अकाल पड़ा था।उसी अकाल में मां का जन्म हुआ था। अब भूमिपूजन में बारिश हुई।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा की हम लोगों ने समीक्षा की है। अफसरों ने कहा है कि 2029 के जून में मंदिर बनकर तैयार हो पाएगा। हमने कहा 31 दिसबंर 2028 तक मां सीता के मंदिर का काम पूरा करना है।

नीतीश जी ने कहा था सीतामढ़ी में सीता पुरम बनाएंगे। मैंने पहली कैबिनेट में ये फैसला लिया। मां जानकी से जुड़े जितने भी स्थान हैं उन्हें जोड़ा जाएगा। नीतीश कुमार जी ने यहां बड़ा मेडिकल कॉलेज बनाने का संकल्प लिया है। उसका काम भी शुरू हो गया है। उसका नाम भी माता जानकी के नाम पर ही रखा जाएगा।

उल्लेखनीय है,कि पुनौराधाम में माता जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण प्रस्तावित है। करीब 50 एकड़ क्षेत्र में 882 करोड़ रुपये की लागत से यह मंदिर बनाया जाएगा। मंदिर का निर्माण राजस्थान से लाए जा रहे खास सैंडस्टोन (बलुआ पत्थर) से होगा और इसकी ऊंचाई 156 फीट रखी जाएगी। इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


पुनौराधाम को रामायण सर्किट के प्रमुख स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी अयोध्या के राम मंदिर के वास्तुकार चंद्रकांत सोमपुरा और उनके परिवार को दी गई है। इस परियोजना के पूरी होने से बिहार में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

anand prakash

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