होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने भारत आ रहे मालवाहक जहाज को किया जब्त
तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कार्रवाई करते हुए भारत की ओर आ रहे एक मालवाहक जहाज को रोककर अपने कब्जे में लिया है।ईरान का कहना है कि यह जहाज बिना अनुमति इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहा था और उसके दिशा-निर्देशन तंत्र में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ।
जानकारी के अनुसार, लाइबेरिया के ध्वज वाला ‘एपामिनोंडास’ नामक यह पोत गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहा था। ईरानी नौसेना ने कार्रवाई करते हुए पोत को रोककर अपने नियंत्रण में लिया और उसे तट की ओर ले गई।
इस बीच, मेडिटेरियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) द्वारा संचालित ‘फ्रांसेस्का’ नामक एक अन्य जहाज को भी कब्जे में लेने की खबर है। इसके अलावा ‘यूफोरिया’ नाम के एक तीसरे पोत पर हमले की सूचना भी सामने आई है।
समुद्री विश्लेषण संस्था मरीन टैरिफ के अनुसार, शुरुआती रिपोर्टों में इन पोतों को छह पोतों के समूह का हिस्सा बताया गया था, लेकिन आंकड़ों के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि ये पोत अन्य पोतों के साथ नहीं चल रहे थे। वे अलग मार्ग से पीछे चल रहे थे, जबकि बाकी पोत सुरक्षित रूप से क्षेत्र से बाहर निकल गए।
बताया गया है कि ‘एपामिनोंडास’ लगभग 6,690 मानक कंटेनर क्षमता वाला जहाज है, जो भारत और अमेरिका के पूर्वी तट को जोड़ने वाली सेवा पर तैनात था, जिसमें खलीफा पोर्ट और जबेल अली पोर्ट जैसे प्रमुख ठहराव शामिल हैं। वहीं ‘फ्रांसेस्का’ लगभग 11,336 मानक कंटेनर क्षमता वाला पोत है, जो भारत, फारस की खाड़ी और भूमध्य सागर के बीच संचालित होता है।
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण ये पोत पहले से ही फारस की खाड़ी में फंसे हुए थे। इससे पहले भी ओमान तट के पास एक पोत पर हमले और दूसरे पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती गतिविधियां वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं, क्योंकि यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में से एक है।

