पश्चिम बंगाल विस चुनाव के प्रथम चरण और तमिलनाडु विस की सभी सीटों के लिए मतदान आज
कोलकाता/चेन्नई। व्यापक तैयारियों और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देश के दो राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान होंगे।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में कल राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर लगभग 3.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जबकि 234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा के लिए एक ही चरण में हो रहे मतदान में 5.73 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। इन चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान गुरुवार को कराया जाएगा। इसके लिए करीब 44 हजार मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां कल सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें कई मंत्री, पूर्व विधायक, नए चेहरे और विभिन्न दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों 23 और 29 अप्रैल को मतदान होंगे।
पहले चरण में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, वाम दलों, कांग्रेस तथा अन्य क्षेत्रीय दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कई सीटों पर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि कुछ क्षेत्रों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय संघर्ष भी होने की संभावना है।
पहले चरण में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्धमान, पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और पूर्व मेदिनीपुर जिलों की सीटों पर मतदान होगा। इन क्षेत्रों में उत्तर बंगाल के सीमावर्ती इलाके, आदिवासी बहुल क्षेत्र, चाय बागान क्षेत्र, ग्रामीण इलाके और कुछ शहरी क्षेत्र भी शामिल हैं, इसलिए इस चरण को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले चरण का मतदान पूरे चुनाव की दिशा तय कर सकता है। उत्तर बंगाल, सीमावर्ती जिलों, चाय बागान क्षेत्रों, ग्रामीण बेल्ट और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मतदान प्रतिशत पर सभी दलों की नजर रहेगी। तृणमूल कांग्रेस जहां अपनी मौजूदा पकड़ बनाए रखने की कोशिश करेगी, वहीं भारतीय जनता पार्टी उत्तर बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर बढ़त लेने की रणनीति पर काम कर रही है। वाम दल और कांग्रेस भी कई सीटों पर प्रभाव दिखाने की कोशिश करेंगे।
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं। इन कंपनियों में 2.4 लाख से अधिक जवान शामिल बताए जा रहे हैं। मतदान केंद्रों, संवेदनशील इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा त्वरित प्रतिक्रिया दल भी बनाए गए हैं, जो किसी भी शिकायत, तनाव या हिंसा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगे। आयोग ने 7,384 मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील या महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल, वेबकास्टिंग, वीडियो निगरानी और विशेष पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
मतदाताओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। चुनावों से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 18003450008 जारी किया गया है। इसके साथ एक विशेष ई-मेल सुविधा भी शुरू की गई है।
तमिलनाडु में 5.73 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों के लिए राज्य के 5.73 करोड़ मतदाता आज अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 4,023 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसके लिए लगभग 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 5,938 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जहां हथियारबंद अर्धसैनिक बलों और तमिलनाडु विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई है। मतदान के दिन राज्य भर में पुलिस, अर्धसैनिक बल, अग्निशमन विभाग, जेल विभाग, वन विभाग, होमगार्ड और सेवानिवृत्त सैनिकों सहित लगभग 1.47 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्रीय सुरक्षा बलों की लगभग 295 कंपनियों से करीब 23,000 अर्धसैनिक जवान राज्य में पहुंचे हैं। इसके साथ ही विशेष कमांडो/अतिरिक्त बल के 12,150 जवान भी सुरक्षा ड्यूटी में लगे हैं।
यहां मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच माना जा रहा है। इसके अलावा अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के कारण कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की उम्मीद जताई जा रही है।

