केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ:ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई पंचमुखी डोली, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ:ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई पंचमुखी डोली, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
Facebook WhatsApp

रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की वार्षिक यात्रा के तहत भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली रविवार को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद धाम के लिए रवाना हो गई।वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच डोली के प्रस्थान के साथ ही क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर को लगभग आठ कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। पूर्व परंपरा के अनुसार शनिवार रात्रि को भैरवनाथ जी की पूजा-अर्चना भी संपन्न की गई। डोली यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और कई भक्त पैदल ही यात्रा में सम्मिलित हुए।

निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन देने हेतु अल्प विश्राम किया जाएगा। इसके पश्चात डोली फाटा के लिए प्रस्थान करेगी, जहां रात्रि विश्राम निर्धारित है। आगामी 20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। अगले दिन 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचकर मंदिर भंडार में विराजमान होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को प्रातः 08 बजे शुभ मुहूर्त में केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके साथ ही यात्रा का औपचारिक शुभारंभ होगा।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग और बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण हेतु सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क एवं पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, बर्फ हटाने सहित सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

केदारनाथ क्षेत्र की विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके। पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल है, और लाखों श्रद्धालुओं के इस वर्ष यात्रा में शामिल होंगे।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page