अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध,ढाका प्रखंड के गवंद्री पंचायत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध,ढाका प्रखंड के गवंद्री पंचायत में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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मोतिहारी। जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में पूर्वी चंपारण को ‘बाल विवाह मुक्त जिला’ बनाने के संकल्प के साथ अक्षय तृतीया के पूर्व ढाका प्रखंड के गवंद्री पंचायत में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया।

महिला एवं बाल विकास निगम के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के कुप्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। गवंद्री गांव में आयोजित ‘विशेष महिला चौपाल’ के दौरान अधिकारियों ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसरों का दुरुपयोग कम उम्र के विवाह के लिए करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और उनके सुनहरे भविष्य के लिए अत्यंत घातक है।

अभियान के तहत महिलाओं को प्रेरित किया गया कि वे समाज की कुरीतियों को तोड़ें और अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ें। वहीं ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि आसपास कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो तुरंत इसकी जानकारी जिला प्रशासन, महिला हेल्प लाइन 181 ,स्थानीय मुखिया या चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) पर दें। ‘

बाल विवाह निषेध अधिनियम’ के तहत दंड और कानूनी प्रावधानों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई।विशेषज्ञों का साझा संदेश इस ग्रामीण संवाद के दौरान जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन की जिला मिशन समन्वयक निधि कुमारी ने महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया साथ ही सरकार के महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, कन्या विवाह योजना,वृद्धा पेंशन एवं विधवा पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं आवेदन की प्रक्रिया साझा की गई।

जेंडर विशेषज्ञ निर्भय कुमार और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ रितेश कुमार ने सामाजिक व आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक खुशबू कुमारी और ग्राम नियोजन केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर सत्येंद्र कुमार ने तकनीकी इनपुट साझा करते हुए बाल सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली समझाई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित भारी संख्या में स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे न तो अपने परिवार में बाल विवाह करेंगे और न ही अपने गांव में होने देंगे। ग्रामीणों के इस भरोसे ने अभियान को एक नई मजबूती प्रदान की है।

anand prakash

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