भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई गति, प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर स्टॉकर के बीच व्यापक वार्ता

भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई गति, प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर स्टॉकर के बीच व्यापक वार्ता
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।इस उच्चस्तरीय बैठक में व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार, हरित एवं स्वच्छ तकनीक, शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, मोबिलिटी और लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय रिश्तों के पूरे दायरे की समीक्षा की गई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस बैठक में रक्षा, तकनीक, व्यापार, नवाचार, कौशल विकास और काउंटर-टेररिज्म जैसे क्षेत्रों में कुल 15 ठोस परिणाम सामने आए। दोनों नेताओं ने विशेष रूप से हाई-टेक्नोलॉजी सहयोग को भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ माना। प्रधानमंत्री ने चांसलर के सम्मान में एक लंच होस्ट किया।

ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के दौरे पर खास ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि आज हैदराबाद हाउस में उन्होंने आपसी रिश्तों के सभी पहलुओं पर बात की और साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक के बाद दोनों देशों के बीच छह महत्वपूर्ण समझौते, एमओयू और लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान किया गया। इनमें ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन, फूड सेफ्टी एवं मानकों पर सहयोग, निवेश को बढ़ावा देने के लिए फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म की स्थापना और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट शामिल हैं। इसके अलावा, भारत के यूनाइटेड नेशंस पीसकीपिंग सेंटर और ऑस्ट्रियन आर्म्ड फोर्सेज इंटरनेशनल सेंटर के बीच साझेदारी की घोषणा भी की गई।

दोनों पक्षों ने साल 2026 में वियना में संयुक्त स्पेस इंडस्ट्री सेमिनार आयोजित करने और वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम शुरू करने की भी घोषणा की। यह कदम युवाओं और पेशेवरों के बीच संपर्क बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

सचिव (पश्चिम) ने कहा कि वार्ता के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म सहित सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इसके खिलाफ मिलकर लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने हाल के आतंकी हमलों की भी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि काउंटर-टेररिज्म सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने एक संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति जताई। यह समूह सूचना साझा करने, क्षमता निर्माण और उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने में सहयोग करेगा। नेताओं ने आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को लागू करने और यूनाइटेड नेशंस तथा फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे मंचों पर सक्रिय सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया।

वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा कि चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि चार दशकों में किसी ऑस्ट्रियाई चांसलर का यह पहला भारत दौरा है और यह दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुनना ऑस्ट्रिया की भारत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चांसलर स्टॉकर ने भी भारत के प्रति अपने सकारात्मक दृष्टिकोण को व्यक्त करते हुए एक्स पर कहा कि यह यात्रा दोनों देशों की 75 वर्षों से अधिक पुरानी मित्रता में एक नया अध्याय जोड़ती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में समान मूल्यों पर आधारित साझेदारियां और अधिक महत्वपूर्ण हो गई हैं।

दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की। उनका मानना है कि इस समझौते के लागू होने से व्यापार, विनिर्माण, निवेश और विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

उल्लेखनीय है कि चांसलर स्टॉकर 14 से 17 अप्रैल तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। चांसलर बनने के बाद यह उनकी एशिया की पहली यात्रा है, जो भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

anand prakash

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