लोकसभा में तीन विधेयकों पर चर्चा शुरू, शुक्रवार शाम 4 बजे होगा मतदान
नई दिल्ली। संसद के विस्तारित बजट अधिवेशन की तीन दिवसीय विशेष बैठक के पहले दिन गुरुवार को सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े तीन विधेयक लोकसभा में पेश किए। आवश्यक कार्यवाही के बाद तीनों विधेयकों पर एकसाथ चर्चा भी शुरू हो गयी, जिस पर शुक्रवार शाम 4 बजे मतदान कराया जाएगा।गृहमंत्री अमित शाह चर्चा का जवाब देंगे।
लोकसभा की कार्यवाही आज पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होते ही विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 और परिसीमन विधेयक-2026 को लोकसभा में पेश करने का प्रस्ताव रखा। गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक-2026 को पेश करने का प्रस्ताव दिया। इन प्रस्तावों पर 251 सदस्यों ने विधेयक के पक्ष में और 185 सदस्यों ने विरोध में मतदान किया। नियमों के अनुसार किसी संविधान संशोधन विधेयक को पेश करने के लिए सामान्य बहुमत की आवश्यकता होती है।
तीनों विधेयकों पर लोकसभा में चर्चा के लिए अध्यक्ष ने फिलहाल 12 घंटे का समय निर्धारित किया है, जिसे विपक्ष की मांग पर बढ़ाया भी जा सकता है। चर्चा के बाद शुक्रवार शाम 4 बजे तीनों विधेयकों पर मतदान कराया जाएगा। चर्चा का जवाब गृहमंत्री अमित शाह देंगे।
राज्यसभा में इस विधेयक पर 18 अप्रैल को चर्चा और मतदान होगा। राज्यसभा में चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना है।
कांग्रेस सदस्य केसी वेणुगोपाल ने इन विधेयकों का विरोध किया। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वेणुगोपाल विधेयकों के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं कर सकते। वह केवल तकनीकी आपत्तियां उठा सकते हैं। सरकार बहस के दौरान विपक्ष को मजबूत जवाब देगी।
समाजवादी पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध न करने का फैसला किया है।
समाजवादी पार्टी के सदस्य धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 का विरोध करती है। मगर उनकी पार्टी महिला आरक्षण की सबसे बड़ी समर्थक है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

