नीतीश कुमार का दो दशक का कार्यकाल ‘स्वर्णिम युग’, समावेशी विकास और सुशासन से बिहार को मिली नई पहचान: जदयू

नीतीश कुमार का दो दशक का कार्यकाल ‘स्वर्णिम युग’, समावेशी विकास और सुशासन से बिहार को मिली नई पहचान: जदयू
Facebook WhatsApp

पटना।बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के पिछले दो दशकों के कार्यकाल को आधुनिक बिहार के इतिहास में ‘स्वर्णिम युग’ के रूप में याद किया जाएगा।वर्ष 2005 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने एक ऐसे बिहार की नींव रखी, जो समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है। यह बातें जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश प्रवक्ता हिमराज राम और परिमल कुमार ने मंगलवार को मीडिया में जारी बयान में कहीं।

प्रवक्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने बदहाल कानून-व्यवस्था के दौर को पीछे छोड़ते हुए सुशासन के माध्यम से भयमुक्त वातावरण स्थापित किया और विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया, जो लंबे समय से उपेक्षित रहे थे।

महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बिहार ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण देने और पुलिस बल में उनकी बड़े पैमाने पर बहाली के फैसले ने प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती दी है। वर्ष 2013 में पुलिस बल में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के बाद आज बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या देश में सबसे अधिक बताई जा रही है।

इसके साथ ही ‘जीविका’ योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है। इस पहल ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है और बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपना भविष्य संवार रही हैं।

प्रवक्ताओं ने आगे कहा कि पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक उत्थान को बल मिला। मुख्यमंत्री के ‘न्याय के साथ विकास’ के संकल्प का ही परिणाम है कि आज राज्य के दूरदराज गांवों तक बिजली और आधारभूत संरचनाएं पहुंच चुकी हैं।

सड़कों और पुलों के निर्माण से राज्य की कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार हुआ है और बिहार आज आधारभूत ढांचे के मामले में देश के अग्रणी राज्यों को चुनौती दे रहा है।

प्रवक्ताओं ने कहा कि यह 20 से अधिक वर्षों की निरंतर मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज बिहार एक प्रगतिशील और सशक्त राज्य के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page