बिहार में ही गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी ने अपने जीवन का उद्देश्य पाया : उपराष्ट्रपति

बिहार में ही गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी ने अपने जीवन का उद्देश्य पाया : उपराष्ट्रपति
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पूर्वी चंपारण। जिला मुख्यालय मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने छात्रों, शिक्षकों और विद्वानों को संबोधित करते हुए बिहार की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत की सराहना की।उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भूमि “महान विचारों की धरती” है, जहां गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी जैसी महान हस्तियों ने ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन का उद्देश्य तय किया। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती पर ही बौद्ध धर्म, जैन धर्म और समाजवादी विचारधारा ने आकार लिया। उन्होंने जयप्रकाश नारायण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने देश की नैतिक और राजनीतिक चेतना को नई दिशा दी। साथ ही उन्होंने अपने युवावस्था के दिनों को याद करते हुए 1974 की क्रांति में अपनी भागीदारी का भी जिक्र किया।

सीपी राधाकृष्णन ने कहा, “बिहार ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसे दूरदर्शी नेता दिए हैं, जिन्होंने भारत की नैतिक और राजनीतिक चेतना को आकार दिया। मैं खुद, जब 18 या 19 साल का था, तो कोयंबटूर के जिला महासचिव के तौर पर 1974 की क्रांति का हिस्सा बना।”

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने असाधारण विकास किया है। छात्रों से उन्होंने राष्ट्रवाद को अपनाने और एक स्वस्थ, मजबूत तथा नैतिक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया, जो किसी भी अनैतिक चीज़ को स्वीकार न करे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की भी सराहना की।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। कार्यक्रम के बाद उन्होने मोतिहारी शहर स्थित गांधी स्मारक व चरखा पार्क का भी भ्रमण किया। तत्पश्चात वे पश्चिम चंपारण के गौनाहा प्रखंड स्थित भितिहरवा गांधी आश्रम के लिए वायुसेना के विशेष विमान रवाना हुए। यहां पहुंचकर उपराष्ट्रपति महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट (सेवानिवृत्त) जनरल सैयद अता हसनैन, केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार,सांसद राधामोहन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

anand prakash

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