‘एफसीएम थेरेपी’ से दूर होगा एनीमीया, पूर्वी चंपारण में अभियान का शुभारंभ
मोतिहारी।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “फेरिक कार्बक्सीमाल्टोज इंजेक्शन थेरेपी” अभियान का शुभारंभ किया। मोतिहारी में जिला स्तरीय कार्यक्रम राज्यस्तरीय शुभारंभ के साथ ही सदर अस्पताल में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने किया। इस अवसर पर उपाधीक्षक डॉ. सच्चिदानंद सत्यार्थी, डॉ. सुरुचि स्मृति, डीसीएम. नंदन झा, पिरामल फाउंडेशन के प्रमंडलीय प्रबंधक नावेद उर रहमान, जिला प्रबंधक मुकेश कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

सिविल सर्जन ने बताया कि अभियान के लिए विशेष व्यवस्थाएं, अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई अहम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। प्रत्येक जिले में एक चयनित स्वास्थ्य संस्थान, जिला अस्पताल या एफआ यु को चिन्हित किया गया है, जहां कम से कम 20 बेड और आईवी स्टैंड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इसके साथ ही चिन्हित एनीमिक गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने और उपचार के बाद सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था भी की गई है। अभियान के संचालन के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा पदाधिकारियों और स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है तथा राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स की सूची भी जारी की गई है। उम्मीद है कि एफसीएम थेरेपी के प्रभावी क्रियान्वयन से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलेगा।

