मासिक धर्म पर सुप्रीम कोर्ट फैसले का स्वागत करते हुए आईएमए ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र

मासिक धर्म पर सुप्रीम कोर्ट फैसले का स्वागत करते हुए आईएमए ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए इसे बालिकाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की दिशा में एक बड़ा और प्रगतिशील कदम बताया है।उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म स्वास्थ्य को संविधान के तहत मौलिक अधिकार बताया है। अदालत ने कहा कि यह अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और निजता के अधिकार का हिस्सा है। न्यायालय ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्कूलों को लड़कियों के लिए मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड और पर्याप्त स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आईएमए ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए अनुरोध किया कि इस फैसले को देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में तत्काल और सख्ती से लागू कराया जाए। इसके साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समयबद्ध और निगरानी योग्य निर्देश जारी किए जाएं, ताकि हर बालिका के संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी रूप से रक्षा सुनिश्चित हो सके।

आईएमए ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह स्पष्ट किया जाना कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्कूलों में स्वच्छता प्रबंधन की सुविधा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के मौलिक अधिकार का हिस्सा है, अत्यंत सराहनीय है। यह फैसला किशोरियों को होने वाले भेदभाव, अपमान, स्कूल से अनुपस्थिति और शिक्षा से वंचित होने जैसी समस्याओं को गंभीरता से संबोधित करता है।

एसोसिएशन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्कूलों में सैनिटरी नैपकिन और उचित मासिक धर्म स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देशों का अनुपालन करने का अऩुरोध किया। आईएमए ने कहा कि इससे बालिकाओं की स्कूल उपस्थिति, शैक्षणिक प्रदर्शन तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा।

इसके साथ आईएमए ने मासिक धर्म स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करने और मासिक धर्म गरीबी को समाप्त करने के लिए साक्ष्य-आधारित सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों में सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page