भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्यूल रिटेल मार्केट बना

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्यूल रिटेल मार्केट बना
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-देश में पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन की संख्या 1 लाख से अधिक हुई

नई दिल्ली। भारत में पेट्रोल, डीजल और पेट्रोलियम गैस की सहज उपलब्धता के लिए केंद्र सरकार द्वारा की गई कोशिशों की वजह से पिछले 10 साल के दौरान रिटेल पेट्रोलियम आउटलेट नेटवर्क स्थापित करने के काम में जबरदस्त तेजी आई है।इस तेजी की वजह से भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फ्यूल रिटेल मार्केट बन चुका है। देश में पेट्रोल पंप और गैस स्टेशन का नेटवर्क 1 लाख की संख्या को भी पार कर गया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत काम करने वाले पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार फ्यूल रिटेल मार्केट में भारत में 30 नवंबर तक 1,00,266 पेट्रोल पंप या गैस स्टेशन थे। भारत से अधिक पेट्रोल पंप या गैस स्टेशन सिर्फ अमेरिका और चीन में हैं। चीन में 1,15,000 से कुछ अधिक पेट्रोलियम आउटलेट्स हैं, वहीं अमेरिका में रिटेल पेट्रोलियम और गैस स्टेशन की संख्या 1,95,000 के करीब है।

पीपीएसी की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आसानी से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए साल 2015 के बाद काफी तेजी से पेट्रोलियम आउटलेट्स का विस्तार किया गया, जिसकी वजह से 10 वर्षों की अवधि में पेट्रोलियम आउटलेट्स की संख्या साल 2015 के लगभग 50 हजार से बढ़ कर अब एक लाख के आंकड़े को पार कर गई है। पेट्रोलियम आउटलेट्स की संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की नीति के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने काफी तेजी से नए पेट्रोल पंप या गैस पंप खोले। इसके साथ ही निजी क्षेत्र को भी पेट्रोलियम आउटलेट्स स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

फिलहाल देश में स्थापित रिटेल पेट्रोलियम नेटवर्क में सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक है। इन पेट्रोलियम आउटलेट्स में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आइओसीएल) 30 नवंबर तक 41,664 आउटलेट्स का संचालन कर रहा था। इसी तरह देश में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के 24,605 आउटलेट्स काम कर रहे हैं। जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के 24,418 आउटलेट्स पूरे देश में पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स की रिटेल मार्केटिंग कर रहे हैं।

इसके अलावा प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों में रूस की कंपनी रोसनेफ्ट के निवेश से शुरू हुई नायरा एनर्जी लिमिटेड देशभर में 6,900 से अधिक पेट्रोलियम आउटलेट का संचालन कर रही है। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 2,100 से अधिक रिटेल पेट्रोलियम आउटलेट्स के जरिए पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स बेच रही है, जबकि शेल के पूरे देश में 346 रिटेल आउटलेट्स हैं।

पीपीएसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार साल 2015 में पूरे देश में 50,451 रिटेल पेट्रोलियम आउटलेट्स थे। उस समय प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां के कुल 2,967 रिटेल पेट्रोलियम आउटलेट्स काम कर रहे थे। साल 2015 में देश के रिटेल फ्यूल नेटवर्क में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी 6 प्रतिशत से भी कम थी। हालांकि साल 2015 के बाद केंद्र की ओर से दूरदराज के इलाकों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अधिक से अधिक रिटेल पेट्रोलियम आउटलेट्स खोलने के लिए प्रोत्साहन मिलने के कारण अब देश के रिटेल फ्यूल नेटवर्क में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई है।

anand prakash

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