10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की मौजूूदगी में राज्यपाल ने दिलाई शपथ

10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की मौजूूदगी में राज्यपाल ने दिलाई शपथ
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पटना।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह सहित भाजपा शासित कई प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में नीतीश कुमार ने गुरुवार को पटना के एतिहासिक गांधी मैदान में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

आज नीतीश मंत्रिमंडल में जिन मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, उनमें जमुई विधानसभा सीट से जीतीं श्रेयसी सिंह भाजपा की ओर से युवा चेहरों में शामिल हैं। इसके अलावा रमा निषाद को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, जो इस बार अराई विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर आई है। ये दोनों ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली है।

नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल चेहरे

सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, विजय चौधरी, विजय प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडे, डॉ दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन साहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार, मोहम्मद जमा खान, संजय सिंह टाइगर, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लाखेंद्र कुमार रोशन, श्रेयसी सिंह, प्रमोद कुमार, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह और दीपक प्रकाश।

अनुभवी और युवाओं से सजे नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल मंगल पांडे, नितिन नवीन, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार जैसे नेता पहले भी अलग-अलग विभागों का जिम्मा संभाल चुके हैं। दूसरी तरफ श्रेयसी सिंह, दीपक प्रकाश, लाखेद्र कुमार रोशन, रमा निषाद जैसे युवा चेहरे भी शामिल हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में मैथिली ठाकुर, सांसद व गायक मनोज तिवारी और भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने अपनी प्रस्तुति देकर भीड़ को झूमने पर मजबूर कर दिया।

नई सूची में सभी प्रमुख वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश साफ दिखती है। दलित, अति पिछड़ा, पिछड़ा, महिलाओं और अल्पसंख्यक समाज से आने वाले नेताओं को मंत्रिमंडल में पर्याप्त स्थान दिया गया है। श्रेयसी सिंह, रमा निषाद और लेसी सिंह जैसी महिला नेताओं को शामिल करना राजग की महिला सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। साथ ही मोहम्मद जमा खान जैसे अल्पसंख्यक चेहरे का शामिल होना भाजपा-जदयू सरकार के सामाजिक संतुलन के प्रयास को रेखांकित करता है।

anand prakash

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