60 लाख के वेतन घोटाले को लेकर विभाग गंभीर , निलंबन की कारवाई शुरू
-एसीएस के मोतिहारी पहुंचने के बाद विभाग में मची खलबली
-आरडीडीई की कारवाई , डीईओ ऑफिस के तीन कर्मी नपे
मोतिहारी। वेतन घोटाले को लेकर कईयों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। घोटाले की परत खुलेगी और इसमें शामिल किरदार भी सामने आयेंगे। इस मामले में जांच और कार्रवाई की संभावना पटना में पद भार संभालते ही शिक्षा विभाग के एसीएस सीके अनिल मोतिहारी आने के साथ ही बढ़ गई है। पद भार संभालने के दूसरे दिन वेतन घोटाला की जांच करने मोतिहारी पहुंचे सीके अनिल ने पूरे मामले को जाना और फिर विभागीय पदाधिकारियों के साथ डीएम और डीडीसी संग एक हाई लेबल मीटिंग किए।
जाहिर है इस मीटिंग में उन्होंने अपना एक्शन उपस्थित लोगों को समझा ही दिया है। ऐसे में जिलेवासियों को इस मामले में कार्रवाई का इंतजार है। मोतिहारी शिक्षा विभाग में हुए 60 लाख से अधिक के वेतन घोटाला इन दिनों चर्चाओ में है। उक्त मामले में शिक्षा विभाग के आरडीडीई डीईओ कार्यालय पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी लिये है। बताया गया है कि कुछ कर्मियों पर निलंबन की गाज गिरी है।
माना जा रहा है कि मेकर,चेकर और एप्रुभल पदाधिकारी पर तो कारवाई होगी ही , इस जांच के जद में विभागीय अधिकारी भी आ सकते है। यहां यह भी बता दे कि इस मामले को लेकर नगर थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें जांच जारी है। ऐसे में अब एसीएस का मोतिहारी आना और मीटिंग करना, बड़ा संकेत दे रहा है। जिले में वेतन घोटाले में पुलिस का बड़ा एक्शन हुआ है।
मामला दर्ज होने के साथ ही दो आरोपियों पर एसपी ने 10-10 हजार के ईनाम घोषित कर दिए हैं। यह कथित घोटाला 60 लाख 57 हजार 158 रुपये का बताया गया है। एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से जून 2024 से सितंबर 2026 के बीच सरकारी राशि की कथित अवैध निकासी का मामला है।
जिसमें मदरसा शिक्षक मो. इमादुद्दीन शाबिर और एचआरएमएस ऑपरेटर अमन कुमार की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया है। बडा़ सवाल यह है कि दो साल से अधिक समय बीतने के बाद यह मामला पकड़ में आया, ऐसे में इसको लेकर विभागीय स्तर पर मिलीभगत या फिर उदासीनता का परिणाम समझा जा रहा है।
वेतन घोटाले के मामले में डीईओ ऑफिस के तीन क्लर्क निलंबित किए गए है। जिसमें राजीव कुमार, विनय प्रसाद और मिथलेश सिंह के नाम बताए जा रहे है। वही दो लोग पर कारवाई की तलवार लटक रही है। जाहिर है यह सिलसिला क्लर्क से शुरू हो कर कहां तक जायेगा, देखना दिलचस्प होगा।
प्रभात रंजन मुन्ना की रिपोर्ट

