नेशनल साइंस सेमिनार-2026 में ओडिशा की सौम्यश्री थानापति बनीं विजेता

नेशनल साइंस सेमिनार-2026 में ओडिशा की सौम्यश्री थानापति बनीं विजेता
Facebook WhatsApp

नई दिल्ली। ओडिशा के झारमुंडा स्थित ओडिशा आदर्श विद्यालय की छात्रा सौम्यश्री थानापति ने दिल्ली में आयाेजित दाे दिवसीय नेशनल साइंस सेमिनार 2026 का खिताब अपने नाम किया है।

दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विजेता सौम्यश्री को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और 48,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

आयाेजन के पहले दिन शुक्रवार काे, इस वर्ष सेमिनार का विषय ‘इंडियन एनर्जी बास्केट 2047: संभावनाएं और चुनौतियां’ था। इसमें विद्यार्थियों ने भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों, तकनीकी नवाचार और टिकाऊ ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

नेशनल साइंस सेमिनार का आयोजन वर्ष 1982 से हर साल भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम्स (एनसीएसएम) द्वारा किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आलोचनात्मक सोच और प्रभावी संचार कौशल विकसित करना है।

प्रतियोगिता में सौम्यश्री थानापति ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि नौ अन्य विद्यार्थियों को उपविजेता घोषित किया गया। सभी उपविजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और 24,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी गई। इस प्रकार प्रतियोगिता में कुल 2.64 लाख की छात्रवृत्ति वितरित की गई।

इसके अलावा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव से दिब्यांशी परिदा, महाराष्ट्र से शरवरी श्रीधर बैत, बिहार से समीर कुमार, पश्चिम बंगाल से ऋषन गुप्ता, त्रिपुरा से श्राबस्ती भट्टाचार्जी, चंडीगढ़ से नवसीरत कौर, गुजरात से स्वरा परेश पटेल, अरुणाचल प्रदेश से रुबू डैनियल तथा हरियाणा से अक्षत कुमार मिश्रा उपविजेता रहें।

विजेताओं और उपविजेताओं का चयन विभिन्न शैक्षणिक और वैज्ञानिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों के पैनल ने किया। इसमें डॉ. सुमंत बोरठाकुर, डॉ. सुषमा एम. गिरीपुंजे, डॉ. मानस प्रतिम दास, प्रो. प्रमोद कुमार और प्रो. अनिल कुमार शामिल थे। पैनल के सदस्यों ने विद्यार्थियों के विषय ज्ञान, प्रस्तुति, वैज्ञानिक समझ और विचारों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

सेमिनार का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, नीति आयोग के ऊर्जा सलाहकार राजनाथ राम विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।

एनसीएसएम के महानिदेशक केएस मुरली ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी पिछले चार दशकों से अधिक समय से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच और संवाद कौशल को बढ़ावा दे रही है। इस वर्ष का विषय युवाओं को ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और सतत विकास के महत्व को समझने का अवसर देता है।

राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक विजय शंकर शर्मा ने कहा कि यह आयोजन देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर अपने विचार साझा करने का मंच प्रदान करता है। इससे विद्यार्थियों को नवीकरणीय ऊर्जा, उभरती तकनीकों और जिम्मेदार ऊर्जा खपत के बारे में समझ विकसित करने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम का समापन समारोह भी 30 अक्टूबर को आयोजित किया गया। इसमें नई दिल्ली स्थित इंटर-यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेटर सेंटर (आईयूएसी) के निदेशक प्रो. अविनाश चंद्र पांडे मुख्य अतिथि और टेरी में बिजली एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ निदेशक अजय कुमार सक्सेना विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के प्रधान क्यूरेटर मोइनुद्दीन अंसारी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page