बालेन्द्र शाह के भारत दौरे का एजेंडा फाइनल करने 4-5 नवंबर को नेपाल पहुंचेगे भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री

बालेन्द्र शाह के भारत दौरे का एजेंडा फाइनल करने 4-5 नवंबर को नेपाल पहुंचेगे भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री
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नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के पहले प्रस्तावित भारत दौरे की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस सिलसिले में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री 4 और 5 नवंबर को दो दिवसीय नेपाल दौरे पर आएंगे।उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा के एजेंडे को अंतिम रूप देना और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाना है।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का भारत दौरा 23 और 24 नवंबर को प्रस्तावित है। हालांकि, इस यात्रा की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री के नेपाल दौरे के दौरान यात्रा की रूपरेखा, एजेंडा और संभावित समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

इस दौरान प्रधानमंत्री शाह की भारत यात्रा के प्रमुख कार्यक्रमों और दोनों देशों के बीच होने वाले संभावित समझौतों पर भी चर्चा होगी। यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।

काठमांडू में विदेश सचिव प्रधानमंत्री शाह से भी मुलाकात करने वाले हैं। इसके अलावा वो विदेश मंत्री शिशिर खनाल, भौतिक पुर्वाधार मंत्री सुनील लमसाल, ऊर्जा मंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ सहित कई अन्य उच्च स्तरीय बैठक करेंगे।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के भारत दौरे के दौरान जनकपुरधाम से अयोध्याधाम तक ट्रेन सेवा के उद्घाटन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसे दोनों देशों के बीच धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक संबंधों और जनस्तर पर संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के भ्रमण की तैयारी को लेकर अभी कुछ दिन पहले ही विदेश मंत्रालय के नेपाल डेस्क प्रभारी अतिरिक्त सचिव मनु महावार भी काठमांडू का दौरा कर चुके हैं। अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री की टीम के अलावा विदेश मंत्री शिशिर खनाल से भी मुलाकात की थी।

इस बीच, नेपाल में भारत के नवनियुक्त राजदूत सुधाकर दलेला 3 नवंबर को काठमांडू पहुंच रहे हैं। वह नेपाल में अपना कार्यभार संभालेंगे। नए राजदूत के आगमन और उसके अगले दिन भारतीय विदेश सचिव के दौरे को प्रधानमंत्री शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन्द्र शाह का यह पहला भारत दौरा होगा। ऐसे में इस यात्रा को दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी से जुड़े द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

anand prakash

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