नेपाल-भारत सीमा सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति, सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी

नेपाल-भारत सीमा सुरक्षा मजबूत करने पर सहमति, सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
Facebook WhatsApp

काठमांडू। नेपाल और भारत के बीच सीमा सुरक्षा, तकनीक आधारित प्रबंधन और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी है।काठमांडू में सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल के महानिरीक्षक नारायणदत्त पौडेल और भारत के सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक संजय सिंघल के नेतृत्व में 28 – 29 अक्टूबर को यहां आयोजित नेपाल-भारत 10वीं समन्वय बैठक में यह सहमति बनी।

बैठक में नौवीं समन्वय बैठक के फैसलों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों और सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण के लिए रणनीतिक, परिचालन और कार्यक्षेत्र स्तर पर सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए दोनों देशों ने जल्द से जल्द सूचनाओं का आदान-प्रदान करने की प्रतिबद्धता भी जताई।

बैठक में दशगजा (दोनों देशों की सीमा के बीच का नो मैन्स लैंड) के प्रभावी प्रबंधन के लिए अनधिकृत खेती, अतिक्रमण और अवैध संरचनाओं को हटाने के संयुक्त प्रयास जारी रखने पर सहमति बनी। सीमा स्तंभों की मरम्मत, रखरखाव और पुनर्निर्माण के लिए संबंधित तंत्र के फैसलों के अनुसार जमीनी स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर भी दोनों पक्ष सहमत हुए।

इसी तरह, सीमा पार आपराधिक नेटवर्क, अवैध तस्करी, मानव तस्करी, नकली नोट और मादक पदार्थों पर नियंत्रण के लिए सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान जारी रखने का निर्णय लिया गया।

खुली सीमा का दुरुपयोग कर तीसरे देशों के नागरिकों के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए सीमा चौकियों पर जांच और दस्तावेजों के सत्यापन को सख्त बनाने, दशगजा क्षेत्र में संयुक्त गश्त करने तथा संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में तत्काल सूचना साझा करने पर भी सहमति बनी।

सीमा प्रबंधन को आधुनिक और तकनीक अनुकूल बनाने के लिए दशगजा क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्रमुख सीमा चौकियों पर लगेज स्कैनर और वॉक-थ्रू मेटल डिटेक्टर लगाने तथा दोनों देशों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और भ्रामक सूचनाओं से पैदा होने वाली सुरक्षा एवं सामाजिक सद्भाव संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए संस्थागत सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी। सीमा सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक और विशेष प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने के साथ ही दोनों सुरक्षा एजेंसियों के बीच नियमित अध्ययन दौरे आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।

प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन के लिए चितवन के कुरिनटार स्थित सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल के आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान में संयुक्त जल बचाव अभ्यास (ज्वाइंट स्विफ्ट वाटर रेस्क्यू एक्सरसाइज) आयोजित करने के विषय पर भी चर्चा हुई।

बैठक में वैध यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए सीमा चौकियों पर सहायता कक्षों का विस्तार करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही खेलकूद, अंतरराष्ट्रीय दिवसों और प्रमुख त्योहारों के अवसर पर संयुक्त सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर आपसी विश्वास और सद्भाव बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में नेपाल की ओर से सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, नापी विभाग, नेपाल पुलिस और राष्ट्रीय अनुसंधान विभाग के प्रतिनिधि शामिल हुए।

वहीं, भारत की ओर से सशस्त्र सीमा बल के वरिष्ठ अधिकारियों, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास तथा विदेश और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

वर्ष 2012 से नेपाल और भारत में बारी-बारी से आयोजित हो रही द्विपक्षीय समन्वय बैठक का 11वां संस्करण अगले वर्ष भारत में आयोजित किया जाएगा।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page