प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के खातों में भेजे 19 हजार करोड़ रुपये, पशु अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को किया समर्पित

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के खातों में भेजे 19 हजार करोड़ रुपये, पशु अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को किया समर्पित
Facebook WhatsApp

डीसा/अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के पहले दिन बनासकांठा जिले के भीलड़ी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।इस दौरान उन्होंने रोड शो किया और पशुपालक महिलाओं से संवाद भी किया। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत देशभर के किसानों के बैंक खातों में करीब 19 हजार करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की।

प्रधानमंत्री सुबह डीसा हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से वे भीलड़ी के लिए रवाना हुए। भीलड़ी में उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। रोड शो के दौरान लोगों ने नारे लगाकर उनका अभिवादन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने पशुपालक महिलाओं से संवाद कर उनकी बातें सुनीं।

127 एकड़ में बने पशु अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने बनासकांठा के भीलड़ी में 127 एकड़ क्षेत्र में विकसित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीबीबीआरसी) राष्ट्र को समर्पित किया। इस आधुनिक केंद्र में गाय-भैंसों की नस्ल सुधार, आनुवंशिक विकास और आधुनिक प्रजनन तकनीकों पर काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य पशुओं की नस्ल सुधारने की प्रक्रिया को 10 से 20 गुना तक तेज करना है। यह केंद्र विशेष रूप से कांकरेज नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए विकसित किया गया है।प्रधानमंत्री ने केंद्र में स्थापित आधुनिक ईटी-आईवीएफ प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बनासकांठा सैनिक स्कूल के विद्यार्थियों, पशुपालक महिलाओं और स्थानीय युवाओं से बातचीत की।

दो बायो-सीएनजी संयंत्रों का शिलान्यास

बनास डेयरी की ओर से थराद और राधनपुर में स्थापित किए जाने वाले दो बायो-सीएनजी संयंत्रों का भी शिलान्यास किया गया। इन संयंत्रों में प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन पशुओं के गोबर का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। इससे गोबर का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में होगा। परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ पशुपालकों के लिए गोबर का उपयोगी मूल्य भी बढ़ सकेगा।

आलू उत्पादक किसानों को मिलेगा लाभ

कार्यक्रम में आलू प्रसंस्करण से जुड़ी व्यवस्था को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस परियोजना के तहत प्रमाणित बीज से लेकर आलू के प्रसंस्करण तक की प्रक्रिया को एकीकृत किया गया है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और खरीद की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।प्रसंस्करण के दौरान निकलने वाले कचरे का उपयोग बायोगैस बनाने में किया जाएगा, जबकि शेष अवशेष को जैविक खाद के रूप में किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य आलू प्रसंस्करण को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और मूल्यवर्धित आलू उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करना है।

प्रधानमंत्री अपने गुजरात दौरे के दौरान राज्य में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी कर रहे हैं। इसके अलावा दो नई यात्री ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

कार्यक्रम में किसानों के लिए आयोजित विशाल खाटला सभा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी खाटला सभा दुनिया में पहले कभी नहीं हुई होगी और यह गिनीज रिकॉर्ड के समान है।

प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।

anand prakash

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page