मुख्यमंत्री ने ‘नशा मुक्त बिहार अभियान’ का शुभारंभ कर नशा से दूर रहने की दिलाई शपथ
-जीविका दीदियां घर-घर जाकर नशामुक्ति का देंगे संदेशः डीएम
मोतिहारी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अधिवेशन भवन, पटना से नशा मुक्त बिहार अभियान का शुभारंभ किया गया। पूर्वी चंपारण जिला उक्त कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुआ। इसके लिए राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उक्त अवसर पर जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, एडीएम शैलेंद्र कुमार भारती सहित जिला के वरीय पदाधिकारी गण उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। तपश्चात मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह एवं ऑनलाइन माध्यम से जुड़े सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई तथा नशामुक्त बिहार के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
शपथ के माध्यम से सभी ने किसी भी प्रकार के नशीले अथवा मादक पदार्थ का किसी भी रूप में और किसी भी उद्देश्य से सेवन नहीं करने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया। प्रत्येक व्यक्ति ने अपने परिवार, मित्रों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों तथा संपर्क में आने वाले अन्य लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
शपथ के दौरान नशीले पदार्थों से संबंधित सरकार द्वारा निर्धारित सभी कानूनों एवं नियमों का पूर्णतः पालन करने तथा जीवन में सदैव स्वस्थ एवं सकारात्मक मूल्यों को अपनाने का संकल्प भी लिया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि नशा मुक्त बिहार अभियान पूरे एक माह तक प्रभावी तरीके से जिला में चलाया जाएगा। इस अभियान से समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जाएगा, ताकि यह अभियान व्यापक जन जागरूकता का रूप ले सके। नगर क्षेत्र से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों खासकर महादलित टोलों में जागरूकता अभियान चलेगी। इसमें युआ वर्ग पर भी फोकस करना है।
जीविका दीदियां घर-घर जाकर नशामुक्ति का संदेश और जागरूकता सामग्री का वितरण करेंगी। स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, चित्रकला, भाषण, वाद-विवाद और नाटक जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा ताकि बच्चों में नशे के खिलाफ संवेदनशीलता जगाई जा सके।
त्योहारों के सीजन को देखते हुए छठ घाटों, पंचायतों, कोचिंग संस्थानों और प्रमुख चौराहों पर नुक्कड़ नाटक,ऑडियो-विजुअल संदेशों के जरिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

