वायु सेना के लिए 2,563 करोड़ रुपये से खरीदे जाएंगे संचार उपग्रह जीसैट-7सी

वायु सेना के लिए 2,563 करोड़ रुपये से खरीदे जाएंगे संचार उपग्रह जीसैट-7सी
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-रक्षा मंत्रालय ने टॉरपीडो वरुणास्त्र के लिए 1,543 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए

नई दिल्ली। वायु सेना और नौसेना के लिए 4,106 करोड़ रुपये से संचार उपग्रह जीसैट-7सी और भारी वजन वाले टॉरपीडो वरुणास्त्र खरीदे जाएंगे।रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को इसके लिए दो कंपनियों के साथ अनुबंध किये हैं।

स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित यह उपग्रह वायु सेना के संसाधनों की सुरक्षित, सुदृढ़ और निर्बाध संचार क्षमताओं को बढ़ाएगा। इससे उसकी परिचालन क्षमता मजबूत होगी। इसी तरह टॉरपीडो वरुणास्त्र से नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता बढ़ेगी।

रक्षा मंत्रालय ने वायु सेना के लिए समर्पित संचार उपग्रह जीसैट-7सी की खरीद के लिए आज बेंगलुरु की कंपनी न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। जीसैट-7सी के लिए यह अनुबंध 2,563 करोड़ रुपये में किया गया है, जबकि नौसेना के लिए भारी वजन वाले टॉरपीडो वरुणास्त्र 1,543 करोड़ रुपये में हैदराबाद स्थित भारत डायनामिक्स लिमिटेड से खरीदे जायेंगे।

नौसेना के विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में विकसित वरुणास्त्र पोत से प्रक्षेपित की जाने वाली पनडुब्बी रोधी स्वदेशी टॉरपीडो है। यह उन्नत दिशा परिवर्तन क्षमताओं से लैस है और लंबी दूरी से दुश्मन की पनडुब्बियों को निशाना बनाने में सक्षम है। इससे नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता बढ़ेगी।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन अनुबंधों पर आज नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के रक्षा अधिग्रहण विभाग के अपर सचिव और महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अंबारासु की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। दोनों अनुबंध घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के विकास को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। ये सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

anand prakash

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