(कैबिनेट) आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी, 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार

(कैबिनेट) आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी, 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लि. को 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।एयर इंडिया की बिक्री के बाद यह देश का सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दी। केंद्र सरकार आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को 52,878 करोड़ रुपये में बेचेगी। यह एयर इंडिया के बाद सबसे बड़ा रणनीतिक विनिवेश है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां पत्रकार वार्ता में मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फैसला पांच साल से अधिक समय से चल रही विनिवेश प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वैष्णव ने कहा कि इस सौदे के पूरा होने पर हमारी अर्थव्यवस्था में वित्तीय क्षेत्र में अबतक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा। इस बिक्री में केंद्र सरकार की 30.48 फीसदी और एलआईसी की 30.24 फीसदी की हिस्सेदारी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस रणनीतिक पुनर्गठन के बाद आईडीबीआई बैंक में सरकार की 15 फीसदी और एलआईसी की 19 फीसदी हिस्सेदारी रह जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने इस सौदे के लिए मेसर्स 10955230 कनाडा इंक (मूल कंपनी मेसर्स फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड) को रणनीतिक खरीदार के रूप में अपनी मंजूरी दी है। कंपनी 52,877.08 करोड़ रुपये के खरीद मूल्य पर आईडीबीआई बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।

निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि अधिग्रहण सौदा चालू वित्त वर्ष 2026-27 में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों के हितों को पूरा ध्यान रखा जाएगा। वहीं, फेयरफैक्स को अल्पांश शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश भी करनी होगी। सीएसबी बैंक में भी हिस्सेदारी रखने वाली फेयरफैक्स को दो साल के भीतर या तो उसका आईडीबीआई बैंक में विलय करना होगा या फिर सीएसबी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलना होगा।

उल्लेखनीय है कि सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम की संयुक्त रूप से 60.72 फीसदी हिस्सेदारी की प्रस्तावित बिक्री से बैंक का नियंत्रण फेयरफैक्स के पास चला जाएगा। हालांकि, यह सौदा पूरा होने और आवश्यक नियामकीय मंजूरियां मिलने पर निर्भर करेगा।

anand prakash

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