एशियन गेम्स-2026 का समापन, परेड में नीरू ढांडा ने शान से लहराया तिरंगा

एशियन गेम्स-2026 का समापन, परेड में नीरू ढांडा ने शान से लहराया तिरंगा
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आइची-नागोया। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू हुए एशियन गेम्स-2026 का रविवार को आधिकारिक रूप से समापन हो गया। नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित भव्य समापन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक निशानेबाज नीरू ढांडा रहीं।उन्होंने पूरे उत्साह के साथ हाथ में तिरंगा थामकर भारतीय दल का नेतृत्व किया।

समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद एथलीटों की परेड शुरू हुई, जिसमें विभिन्न देशों के ध्वजवाहकों ने अपने-अपने दल का नेतृत्व किया। भारत की ओर से नीरू ढांडा ने तिरंगा थामा। वह भारतीय ध्वज लहराते हुए आगे बढ़ रही थीं और उनके साथ भारतीय दल भी अपने शानदार प्रदर्शन से उत्साहित दिखाई दिया। नीरू ढांडा ने इन एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत समेत कुल तीन पदक अपने नाम किए हैं।

दोहा करेगा 21वें एशियन गेम्स की मेजबानीएशियन गेम्स के 21वें संस्करण की मेजबानी कतर (दोहा) करेगा, जो साल 2030 में होगा। दोहा दूसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले उसने 2006 में भी इन खेलों की मेजबानी की थी। समापन समारोह के दौरान ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया का झंडा दोहा के प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया।

समापन समारोह में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक मौजूद रहे।भारत 21 स्वर्ण समेत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान परभारत ने एशियन गेम्स-2026 में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत कुल 85 पदक जीते। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। भारत ने अपने अभियान का समापन पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक के साथ किया।

हालांकि, भारत का इस बार का प्रदर्शन 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स की तुलना में कम रहा। हांगझोउ में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक (28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य) जीते थे। इस लिहाज से इस बार भारत के कुल पदक 22 और स्वर्ण पदक सात कम रहे।

पदक तालिका में चीन शीर्ष परएशियन गेम्स-2026 की पदक तालिका में चीन शीर्ष पर रहा। चीन ने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य समेत कुल 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य सहित कुल 269 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य सहित कुल 150 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया।

anand prakash

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