दुबई में फंसे सीमांचल के सात युवक सकुशल वतन लौटे
किशनगंज। रोजगार की तलाश में दुबई गए और वहां विषम परिस्थितियों में फंस गए सीमांचल के सात युवक रविवार रात को सकुशल भारत लौट आए। इनमें किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड के चार तथा पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के तीन युवक शामिल हैं।सभी युवक रविवार को दुबई से नई दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। इसके बाद शाम में बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से देर रात तक अपने पैतृक गांव पहुंचने की बात परिजनों ने बताई।
वतन लौटने वालों में कोचाधामन प्रखंड के पुरनदाहा पंचायत अंतर्गत मिर्चान टोला निवासी अबू अजहर, रब्बान आलम, सलमान और नासिर शामिल हैं। वहीं पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के मीरगंज निवासी दानिश, नाजिश और शमशाद भी सुरक्षित लौट आए हैं। युवकों की सकुशल वापसी की खबर मिलते ही उनके परिजनों और गांव के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि करीब 26 दिन पूर्व बेहतर रोजगार का सपना दिखाकर एक एजेंट ने युवकों को दुबई भेजा था। इसके लिए प्रत्येक युवक से करीब एक लाख 35 हजार रुपये लिए गए थे।दुबई पहुंचने के बाद एजेंट ने कथित तौर पर उनका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें एक छोटे से कमरे में रखा गया। गर्मी और भोजन की कमी के कारण युवकों की स्थिति काफी खराब हो गई थी। एजेंट ने उन्हें फैक्टरी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में वे परेशानी में फंस गए। इसके बाद युवकों ने दुबई से वीडियो जारी कर भारत सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से वतन वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई थी।
पूर्व विधायक कोचाधामन मुजाहिद आलम को भी युवकों ने अपनी स्थिति से अवगत कराया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने पहल करते हुए प्रशासनिक स्तर पर युवकों की सकुशल वापसी के लिए प्रयास किया।दिल्ली पहुंचने के बाद युवकों ने परिजनों से फोन पर बातचीत कर अपने सकुशल होने की जानकारी दी। घर वापसी पर युवकों ने कहा कि विदेश में बिताए 26 दिन बेहद कठिन रहे। रोजगार के नाम पर ठगी का शिकार होने के बाद उन्होंने अब किसी भी जालसाज एजेंट के झांसे में नहीं आने का संकल्प लिया है।
युवकों ने कहा कि अब वे विदेश जाने के बजाय अपने वतन में ही छोटा-मोटा रोजगार तलाशकर जीवनयापन करने का प्रयास करेंगे। सोमवार को पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने युवकों की सकुशल वापसी पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि सभी युवक बेहतर आजीविका की तलाश में दुबई गए थे, लेकिन वहां फंस गए थे। लगातार प्रयासों के बाद उनकी सुरक्षित वतन वापसी संभव हो सकी है।

