कावेरी जल विवाद : पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन, 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान

कावेरी जल विवाद : पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन, 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान
Facebook WhatsApp

बेंगलुरु। तमिलनाडु को 15 दिनों तक कावेरी नदी का पानी छोड़ने के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के आदेश के विरोध में पूरे कर्नाटक में किसानों, कन्नड़ समर्थक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों का आंदोलन तेज हो गया है।मंड्या समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन जारी है।

कन्नड़ समर्थक संगठनों ने 13 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक राज्यव्यापी कर्नाटक बंद का आह्वान किया है। हालांकि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बंद वापस लेने की अपील की है।

मंड्या जिले के श्रीरंगपट्टन तालुक स्थित केआरएस क्षेत्र में किसानों और विभिन्न कन्नड़ संगठनों ने बेंगलुरु-मैसूर राजमार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया, अर्धनग्न प्रदर्शन किया और टायर जलाने का प्रयास करते हुए राज्य सरकार से तमिलनाडु को पानी नहीं छोड़ने की मांग की।

कावेरी आंदोलन को कन्नड़ फिल्म उद्योग का भी समर्थन मिला है। कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स की अध्यक्ष जयमाला ने कहा कि भूमि, जल और भाषा के मुद्दे पर राज्य के हितों की रक्षा के लिए फिल्म उद्योग आंदोलन के साथ खड़ा रहेगा।

इधर, केआरएस बांध की ओर कूच कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र सहित कई नेता प्रदर्शन में शामिल हुए।

आंदोलन को और तेज करने के उद्देश्य से कन्नड़ समर्थक और किसान संगठनों ने 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। कन्नड़ आंदोलनकारी वाटल नागराज ने कहा कि अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं को छोड़कर सभी क्षेत्रों को बंद का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकारी कर्मचारी, श्रमिक संगठन, होटल मालिक, एपीएमसी, ट्रक मालिक, ऑटो चालक तथा कर्नाटक फिल्म चैंबर सहित कई संगठनों ने बंद को समर्थन दिया है।

वाटल ने चेतावनी दी कि यदि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 3 अगस्त को प्रस्तावित कर्नाटक दौरे के दौरान कावेरी मुद्दे पर राज्य के पक्ष में स्पष्ट रुख नहीं अपनाते हैं, तो उनके आगमन के समय हवाई अड्डे का घेराव किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बंद का विरोध करते हुए कहा कि बंद से समस्या का समाधान नहीं होगा और इससे केवल आम जनता को परेशानी होगी। उन्होंने संगठनों से 13 अगस्त का बंद वापस लेने की अपील की।

विधानसौधा में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट की स्थिति के बावजूद सीडब्ल्यूएमए ने 15 दिनों के लिए लगभग 4.5 टीएमसी पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की सिफारिश के खिलाफ अपील कर चुकी थी और सीडब्ल्यूएमए की बैठक में राज्य के अधिकारियों ने पानी छोड़ने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध भी किया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी पक्षों की राय लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य के किसानों के हितों और पेयजल की आवश्यकता की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा कावेरी विवाद का समाधान कानूनी और सौहार्दपूर्ण तरीके से करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के प्रस्तावित दौरे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए तमिलनाडु सरकार से 3 अगस्त का दौरा स्थगित करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हित में तनाव कम कर सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान निकालना आवश्यक है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page