साइकिल से सेमीकंडक्टर तक: हरक्यूलिस बनाने वाला मुरुगप्पा ग्रुप अब साणंद से दुनिया को भेजेगा चिप्स

साइकिल से सेमीकंडक्टर तक: हरक्यूलिस बनाने वाला मुरुगप्पा ग्रुप अब साणंद से दुनिया को भेजेगा चिप्स
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गांधीनगर। कभी हरक्यूलिस साइकिल के निर्माण के लिए पहचान बनाने वाला चेन्नई स्थित मुरुगप्पा ग्रुप अब भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समूह की कंपनी सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड ने गुजरात के साणंद में 7,600 करोड़ की लागत से स्थापित आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा में व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 4 जुलाई को इस संयंत्र का उद्घाटन किया था।

मुरुगप्पा ग्रुप ने वर्ष 1949 में यूके की ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स कंपनी के साथ मिलकर टीआई साइकिल्स ऑफ इंडिया की स्थापना की थी। वर्ष 1951 में तत्कालीन भावनगर रियासत के महाराजा एवं मद्रास के तत्कालीन राज्यपाल कृष्णकुमारसिंहजी गोहिल ने कंपनी की पहली साइकिल फैक्टरी का उद्घाटन किया था, जहां से हरक्यूलिस साइकिल का उत्पादन शुरू हुआ था।

सीजी सेमी, सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस, जापान की रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स और थाईलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स का संयुक्त उपक्रम है। यहां निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स की आपूर्ति देश के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी की जाएगी।

कंपनी ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल भी की है। प्लांट के फैक्टरी फ्लोर पर अधिकांश मशीन संचालन और उत्पादन संबंधी कार्य महिला कर्मचारी संभालेंगी। इसके लिए गुजरात सहित विभिन्न राज्यों की महिला इंजीनियरों को तीन माह की व्यावहारिक ट्रेनिंग के लिए मलेशिया भेजा गया, जहां उन्होंने आधुनिक सेमीकंडक्टर उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

नवसारी की श्रेया पटेल, सुरेंद्रनगर की जाह्नवी पाटड़िया, केरल की वैष्णवी पाल और सांड्रा ई.के. तथा इंदौर की आकांक्षा तंवर जैसी युवा इंजीनियर अब प्लांट में प्रोसेस इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं।

उनका कहना है कि इस क्षेत्र में काम करने से उन्हें अत्याधुनिक तकनीक सीखने और वैश्विक स्तर के उद्योग में करियर बनाने का अवसर मिला है।सीजी सेमी की यह पहल न केवल भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उच्च तकनीक उद्योग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी मजबूत उदाहरण बन रही है। यह महत्वपूर्ण जानकारी गुजरात राज्य की सूचना विभाग द्वारा दिया गया है।

anand prakash

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