पूर्वी भारत अब प्रगति का प्रवेश द्वार,ओडिशा को मिले 20 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: मोदी

पूर्वी भारत अब प्रगति का प्रवेश द्वार,ओडिशा को मिले 20 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: मोदी
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राष्ट्रपति मुर्मु के गांव पहाड़पुर को ‘सूर्य ग्राम’ बनाने की घोषणा

47,600 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

रायरंगपुर, 20 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान पिछड़ेपन का प्रतीक बना पूर्वी भारत अब देश की प्रगति और विकास का प्रवेश द्वार बन रहा है।उन्होंने कहा कि ओडिशा में भाजपा सरकार राज्य के संसाधनों को संभावनाओं में बदल रही है और ‘उत्कर्ष ओडिशा’ पहल के तहत राज्य को लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ओडिशा आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी ने मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में 47,600 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री केवी सिंहदेव और प्रभाती परिडा, मंत्री गणेशराम सिंहखुंटिया, डॉ. कृष्णचंद्र महापात्र, सांसद नव चरण माझी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल तथा सांसद बैजयंत पांडा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने कहा कि मयूरभंज की बेटी आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित कर रही हैं, जो पूरे ओडिशा और देश के लिए गौरव का विषय है।

मोदी ने बताया कि उन्हें राष्ट्रपति के गांव पहाड़पुर जाकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का अवसर मिला। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा स्थापित विद्यालय का भी दौरा किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों ने राष्ट्रपति को अपने लिए “मां” बताया, जो उनके प्रति लोगों के गहरे स्नेह और आत्मीयता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु के गांव पहाड़पुर को ‘सूर्य ग्राम’ के रूप में विकसित करने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत गांव को सौर ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर मॉडल गांव बनाया जाएगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में पहाड़पुर देश के लिए सौर ऊर्जा का आदर्श मॉडल बनेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि पूर्वी भारत के विकास के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। इसी सोच के साथ ‘पूर्वोदय’ नीति पर कार्य किया जा रहा है। कांग्रेस शासन में जिस पूर्वी भारत को पिछड़ेपन का पर्याय बना दिया गया था, वह अब विकास और निवेश का नया केंद्र बन रहा है।

उन्होंने कहा कि 2036 में ओडिशा राज्य के गठन के 100 वर्ष और 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। ऐसे में ओडिशा और भारत दोनों के विकास के लक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि ओडिशा मजबूत होगा तो भारत भी मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य विकास के नए अध्याय लिख रहा है। राज्य में निवेश का वातावरण बेहतर हुआ है और विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पूंजी निवेश आ रहा है। उन्होंने बताया कि ‘उत्कर्ष ओडिशा’ पहल के तहत लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को नई दिशा देंगे।

उन्होंने कहा कि केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही करीब छह हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता मजबूत होगी और उद्योगों को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके दौरे के दौरान जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है, उन पर लगभग 47 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी, उद्योगों का विस्तार होगा, ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से विकास योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है और ओडिशा देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंच रहा है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सुभद्रा योजना तथा स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब राज्य के लोगों को मिल रहा है।

उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत ओडिशा की उपलब्धियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री माझी और उनकी सरकार को बधाई दी। साथ ही कहा कि आदिवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार ‘पीएम जनमन योजना’ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

प्रधानमंत्री ने संथाली भाषा और संस्कृति के महान पुरोधा पंडित रघुनाथ मुर्मु को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया और ‘ओल चिकी’ लिपि के विकास को भारतीय सांस्कृतिक इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

मोदी ने मयूरभंज जिले के लिए एक और नवोदय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि योग ओडिशा की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहा है। उन्होंने देश और दुनिया के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में योग दिवस कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया।

anand prakash

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