विदेशी वस्तुओं का उपयोग कम करें, ईंधन बचाएं : पश्चिम एशिया संकट के बीच मोदी की फिर अपील

विदेशी वस्तुओं का उपयोग कम करें, ईंधन बचाएं : पश्चिम एशिया संकट के बीच मोदी की फिर अपील
Facebook WhatsApp

वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोमवार को लगातार दूसरे दिन देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने और आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम करने की अपील की।उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों पर बोझ घटाने के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

वडोदरा में सरदार धाम से जुड़े विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “हमें हर छोटे-बड़े प्रयास से ऐसे उत्पादों का उपयोग कम करना है, जो विदेश से आते हैं और ऐसे व्यक्तिगत कामों से भी बचना है, जिनमें विदेशी मुद्रा खर्च होती हो।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हर साल लाखों करोड़ रुपये विदेशी वस्तुओं और कच्चे तेल के आयात पर खर्च करता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुई हैं और ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि जब-जब देश युद्ध या किसी बड़े संकट से गुजरा है, तब-तब नागरिकों ने सरकार की अपील पर अपने दायित्व निभाए हैं और अब भी वैसी ही सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है।

मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने और कार पूलिंग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के अधिक उपयोग से विदेशी मुद्रा की बचत में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने कामकाज को आसान बनाया है और सरकारी तथा निजी संस्थानों में वर्चुअल बैठकों तथा ‘वर्क फ्रॉम होम’ जैसे विकल्पों को प्राथमिकता देने से ईंधन की खपत कम की जा सकती है। रविवार को हैदराबाद में अपने संबोधन में भी उन्होंने कोरोना काल की तरह ‘वर्क फ्रॉम होम’, ऑनलाइन बैठकों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को फिर से अपनाने की जरूरत पर जोर दिया था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की बड़ी राशि सोने के आयात पर भी खर्च होती है और लोगों को फिलहाल गैर-जरूरी सोने की खरीद टालनी चाहिए।

उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि विदेशी सामान की जगह स्थानीय उत्पादों को अपनाना समय की मांग है। मोदी ने कहा कि अपने गांव, शहर और देश के उद्यमियों को मजबूत करना ही आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सबसे बड़ा योगदान होगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बन चुकी है। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे भारत ने कोरोना संकट का सामना किया, वैसे ही वर्तमान चुनौतियों से भी सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि वैश्विक संकटों का असर देश के लोगों पर न्यूनतम पड़े। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने शिक्षा, नवाचार और स्टार्टअप क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे शहरों से बड़े स्टार्टअप उभर रहे हैं और महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को व्यापक बदलाव का उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार और समाज मिलकर स्थायी परिवर्तन की दिशा में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छोटे शहरों से बड़े-बड़े स्टार्टअप उभर रहे हैं और जोखिम वाले माने जाने वाले क्षेत्र अब युवाओं की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

महिला सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात मॉडल की सफलता अब पूरे देश में दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, उन्हें शौचालय, नल से जल और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं दी गईं तथा मुद्रा योजना के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।

उन्होंने कहा कि पहले कई क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अवसर सीमित थे, लेकिन आज महिलाएं राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं और लड़ाकू पायलट बन रही हैं। उन्होंने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

प्रधानमंत्री ने गुजरात के लोगों की राजनीतिक समझ की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने हमेशा राजनीतिक स्थिरता को महत्व दिया है और जहां राजनीतिक स्थिरता होती है, वहां आर्थिक विकास की गति तेज होती है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों तथा गुजरात निकाय और पंचायत चुनावों के नतीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिणामों ने देशभर में उत्साह का माहौल बनाया है।

मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होना भी एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हुआ था और आज उसी भावना के साथ समाज निर्माण तथा युवा सशक्तीकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने पिछले 10-12 वर्षों में खेल, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और नवाचार सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और यही उपलब्धियां विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page