नेपाल की बालेन सरकार ने भारत और चीन को भेजा डिप्लोमेटिक प्रोटेस्ट नोट

नेपाल की बालेन सरकार ने भारत और चीन को भेजा डिप्लोमेटिक प्रोटेस्ट नोट
Facebook WhatsApp

काठमांडू। नेपाल की बालेन सरकार ने लिपुलेक पास से भारत और चीन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालन किए जाने पर आपत्ति जताते हुए दोनों देशों को कूटनीतिक पत्र भेजा है।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोकबहादुर पौडेल क्षेत्री ने जानकारी दी कि नेपाल सरकार ने लिपुलेक क्षेत्र से कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालन करने की योजना पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए भारत और चीन दोनों को पत्र भेजा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने फोन पर बताया कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों से परामर्श करने के बाद नेपाल की आधिकारिक स्थिति दोनों देशों को अवगत करा दी गई है।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि “नेपाली भूमि लिपुलेक के माध्यम से प्रस्तावित कैलाश मानसरोवर यात्रा के संबंध में नेपाल सरकार ने अपना स्पष्ट रुख और चिंता भारत तथा चीन दोनों पक्षों को कूटनीतिक माध्यम से पुनः जानकारी करा दी है।”

सरकार ने यह भी दोहराया है कि 1816 की सुगौली संधि के अनुसार महाकाली नदी के पूर्व स्थित लिम्पियाधुरा, लिपुलेक और कालापानी नेपाल के अभिन्न भूभाग हैं और इस विषय पर नेपाल सरकार पूरी तरह स्पष्ट और अडिग है।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नेपाल सरकार पहले भी भारत सरकार से इस क्षेत्र में सड़क निर्माण या विस्तार, सीमा व्यापार और तीर्थयात्रा जैसी गतिविधियां न करने का लगातार आग्रह करती रही है।

नेपाल इससे पहले भी कई बार इस क्षेत्र से जुड़े अपने दावे और संवेदनशीलता के बारे में भारत और चीन दोनों को स्मरण करा चुका है।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page