भागलपुर में अधिकारी हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव एनकांउटर में हुआ ढेर
भागलपुर। जिले के सुल्तानगंज में नगर परिषद ऑफिस में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या करने वाला मुख्य अपराधी रामधनी यादव एनकाउंटर में मारा गया। बताया गया कि एनकांउटर के बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में अस्पताल लाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार गोलीबारी कांड का मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव पुलिस गिरफ्तारी के डर से ऑटो से थाना पहुंचकर सरेंडर किया इसके बाद पुलिस ने उससे घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामानों के बारे में पूछताछ शुरू की तो उसने हथियार छिपाने की जगह बताई।
पुलिस की टीम उसे लेकर जब उस जगह पर पहुंची,तो पहले से पीछा कर रहे मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव के सहयोगी अपराधी पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में डीएसपी नवनीत कुमार समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में कई राउंड फायरिंग की, जिसमें रामधनी यादव के सीने में गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे इलाज के लिए मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। जिनके शरीर के विभिन्न हिस्सों में गोली लगी है। गिरफ्तार आरोपियों में एक दीपक है,जबकि दूसरा रामधनी यादव का साला बताया जा रहा है। दोनों के खिलाफ पूर्व से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने सुल्तानगंज गोलीकांड को लेकर बताया कि मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव को घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सामानों की बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने और अज्ञात अपराधियों की ओर से पुलिस टीम पर फायरिंग की गई।
पुलिस ने आत्म रक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव घायल हो गया। इस घटना में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने रामधनी यादव को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उल्लेखनीय है,कि भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मंगलवार की दोपहर अपराधियों ने नगर परिषद कार्यालय में घुसकर वहां मौजूद अधिकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही ईओ कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई. जबकि सभापति राजकुमार गुड्डू का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है।

