बंगाल विधानसभा चुनाव: चुनावी प्रचार में शत्रुघ्न सिन्हा के नीली बत्ती लगी गाड़ी के इस्तेमाल पर घमासान

बंगाल विधानसभा चुनाव: चुनावी प्रचार में शत्रुघ्न सिन्हा के नीली बत्ती लगी गाड़ी के इस्तेमाल पर घमासान
Facebook WhatsApp

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस सांसद शत्रुघ्न सिन्हा द्वारा नीली बत्ती लगी गाड़ी के उपयोग को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मामले को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब शत्रुघ्न सिन्हा रविवार को पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार हरेराम सिंह के समर्थन में आयोजित एक चुनावी कार्यक्रम में पहुंचे। वह जिस वाहन से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, उस पर नीली बत्ती लगी थी और आगे की ओर सांसद, आसनसोल का बोर्ड तथा अशोक स्तंभ का प्रतीक चिह्न लगा हुआ था।

इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद क्या किसी जनप्रतिनिधि द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान नीली बत्ती लगी गाड़ी का उपयोग किया जा सकता है। भाजपा ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई है।

जामुड़िया से भाजपा उम्मीदवार बिजन मुखर्जी ने शत्रुघ्न सिन्हा पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस मामले को चुनाव आयोग के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर न्यायालय तक भी ले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार नियमों की अनदेखी कर रही है और यह घटना उसी का उदाहरण है। उनका कहना था कि आचार संहिता लागू होने के बाद किसी को भी नीली बत्ती या अशोक स्तंभ लगे वाहन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

हालांकि, शत्रुघ्न सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह नीली बत्ती विशेष रूप से इस कार्यक्रम के लिए नहीं लगाई गई थी और न ही इसे उन्होंने खुद लगवाया था। उन्होंने यह भी कहा कि बत्ती चालू नहीं थी और वह हमेशा कानून का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे किसी काम में विश्वास नहीं करते जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

सूत्रों के अनुसार, विवाद शुरू होने के बाद जब शत्रुघ्न सिन्हा कार्यक्रम समाप्त कर अपनी गाड़ी में लौटे तो वाहन पर नीली बत्ती दिखाई नहीं दी। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने सहायक को गाड़ी से नीली बत्ती हटाने का निर्देश दिया। हालांकि, वाहन के आगे लगा सांसद का बोर्ड और अशोक स्तंभ का प्रतीक चिह्न बना रहा।

भाजपा का आरोप है कि नीली बत्ती का उपयोग आम लोगों पर प्रभाव डालने के उद्देश्य से किया गया। भाजपा उम्मीदवार बिजन मुखर्जी ने कहा कि किसी भी घटना को छोटा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और यदि एक जनप्रतिनिधि ही ऐसे काम करेगा तो इससे गलत संदेश जाएगा।

anand prakash

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

चोरी करने से बेहतर है खुद की कंटेंट बनाओ! You cannot copy content of this page