मन की बात:प्रधानमंत्री ने अंगदान करने वाली 10 माह की बच्ची आलिन को सराहा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में केरल की 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इतने छोटे जीवन के बाद भी उसने अनेक लोगों को जीवन देने का मार्ग दिखाया है।आलिन के माता पिता अरुण अब्राहम और शेरिन ने अपनी बेटी के अंगदान का फैसला लेकर पूरे देश को प्रेरित किया है। आलिन अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसका नाम देश के सबसे कम उम्र के अंगदाताओं में शामिल हो गया है। अंगदान से अनेक लोगों को नया जीवन मिल रहा है और इससे चिकित्सा अनुसंधान को भी नई दिशा मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 131वें प्रसारण में कहा कि देश अब गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर अपने महान व्यक्तित्वों को उचित सम्मान दे रहा है। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में राजाजी उत्सव मनाया जाएगा और इस अवसर पर स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा लगी थी, लेकिन अब उसकी जगह राजगोपालाचारी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। राजगोपालाचारी ने सत्ता को सेवा का माध्यम माना और उनका जीवन आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि यह कदम देश की विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने आगामी रमजान और होली के त्योहारों का उल्लेख करते हुए देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब आप खुशी के ये त्योहार मनाएं तो स्थानीय वस्तुओं को अपनाने का मंत्र जरूर याद रखें। उन्होंने कहा कि आज हमारे त्योहारों में अनेक विदेशी वस्तुएं शामिल हो गई हैं, जिन्हें त्योहारों से दूर रखना चाहिए। स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मन की बात देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट शिखर सम्मेलन पर कहा कि इसमें विश्व के अनेक देशों के नेता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ और नव उद्यमी शामिल हुए। यह सम्मेलन दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भारत ने स्वदेश में विकसित 3 एआई मॉडल भी प्रस्तुत किए। यह अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन रहा और इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अनेक भारतीय मूल के खिलाड़ी दूसरे देशों की टीमों में खेलकर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। कनाडा, अमेरिका, ओमान, न्यूजीलैंड, इटली और संयुक्त अरब अमीरात की टीमों में अनेक खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं और वे अपनी प्रतिभा से दुनिया में पहचान बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली की लक्ष्मी देवी ने हृदय प्रत्यारोपण के बाद केदारनाथ की यात्रा की। पश्चिम बंगाल के गौरांग बनर्जी ने फेफड़ा प्रत्यारोपण के बाद ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र की यात्रा की। राजस्थान के रामदेव सिंह ने गुर्दा प्रत्यारोपण के बाद खेल गतिविधियों में भाग लिया। ये उदाहरण दिखाते हैं कि अंगदान से लोगों को नया जीवन मिल सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल डिजिटल गिरफ्तारी और आर्थिक धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने बैंक खाते की जानकारी, गुप्त अंक और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक से संबंधित कार्य केवल अधिकृत माध्यम से ही करना चाहिए और समय समय पर अपने गुप्त शब्द बदलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है और लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के किसान अब आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपना रहे हैं। उन्होंने ओडिशा के किसान हिरोद पटेल का उदाहरण दिया, जिन्होंने एक ही स्थान पर अनेक प्रकार की खेती और मछली पालन शुरू किया और अपनी आय बढ़ाई। उन्होंने कहा कि केरल में एक गांव में 570 प्रकार के धान उगाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है और 15 करोड़ टन से अधिक उत्पादन कर रहा है। भारत के कृषि उत्पाद अब विदेशों में भी भेजे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने केरल कुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है और यह देश की प्राचीन परंपराओं को मजबूत करता है। उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए और उनकी सेवाएं हमेशा याद की जाएंगी।

