इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगो की हुई मौत, 162 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती

इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगो की हुई मौत, 162 लोग अब भी अस्पतालों में भर्ती
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से बीमार होने वाले लोगों की संख्या के साथ ही मृतकों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।गुरुवार को एक मरीज की मौत हो गई। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

अब तक ऐसे 2456 मरीजों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 162 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से 26 मरीज जिंदगी और मौत के बीच आईसीयू में संघर्ष कर रहे हैं। आज सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सात मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये के चेक दिए।

आज इंदौर में दूषित पानी से 14 वीं मौत हुई। मृतक का नाम अरविंद (43) पुत्र हीरालाल निवासी कुलकर्णी भट्टा है। वह गत रविवार को भगीरथपुरा में काम करने के लिए पहुंचा था, तभी तबीयत खराब हो गई और वह घर लौट गया। इस पर घर पर रहकर ही दवाइयां ले रहा था। इसके बाद परिजन उसे लेकर एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे बुधवार देर रात भागीरथपुरा क्षेत्र के 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें उर्मिला यादव (60), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), मंजूला (74), ताराबाई कोरी (70), गोमती रावत (50), सीमा प्रजापत (50) जीवन लाल बरेडे (80), अव्यान साहू (5 माह), संतोष बिगोलिया, अशोक लाल पंवार, सुमित्रा बाई और शंकर भाया (70) शामिल हैं।

भागीरथपुरा क्षेत्र में अब भी नए मरीज सामने आ रहे हैं। शहर के 14 सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। अभी दूषित पानी से प्रभावित 162 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इधर, आज सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा इलाके में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सात मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये के चेक दिए। परिजन ने मंत्री की मौजूदगी में नाराजगी जताते हुए कहा कि हमें आपका चेक नहीं चाहिए।

भागीरथपुरा से लगे अन्य क्षेत्रों में भी संक्रमण फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने 21 टीमें बनाई हैं, जिसमें डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। इसके अलावा, 11 एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। प्रशासन ने निजी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ-साथ राजस्व अधिकारियों को समन्वय के लिए तैनात किया है। अब तक 7992 घरों का सर्वेक्षण किया गया है।

अपर मुख्य सचिव दुबे ने किया क्षेत्र का निरीक्षण, टंकी व घरों से लिए सैंपल

इस मामले को लेकर अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने गुरुवार को प्रभावित क्षेत्र भागीरथपुरा का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी की टंकी से सप्लाई पानी एवं क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने चेक किया। टंकी एवं घरों से पानी के सैंपल लिए गए। जलप्रदाय के दौरान किए गए पानी सप्लाई को स्वयं हाथ में लेकर चेक किया और रहवासियों से चर्चा की। उन्होंने क्षेत्र में जलप्रदाय एवं सीवरेज की लाइन लीकेज हेतु किए गए कार्यों का भी अवलोकन किया और भागीरथपुरा स्थित आयुष्मान आरोग्य संजीवनी क्लिनिक का भी निरीक्षण किया।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल

इधर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बिगड़े बोल सामने आए हैं। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत को लेकर उन्होंने विवादित बयान दिया है। बुधवार की रात मुख्यमंत्री की बैठक के बाद मंत्री विजयवर्गीय ने मीडिया के सवाल पर भड़कते हुए कहा कि ‘छोड़ो यार तुम फोकट प्रश्न मत पूछो…।’ इतना ही नहीं उन्होंने शब्दों की मर्यादा लांघते हुए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, विजवर्गीय से निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के बिल भुगतान को लेकर सवाल किया गया। जिस पर वे बिफर गए। हालांकि, मामला तूल पकड़ता देख मंत्री ने खेद जताया है।

कांग्रेस ने इस्तीफा मांगा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वीडियो पोस्ट कर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से मौतों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीज़ी और अहंकार जस का तस बना हुआ है। इस जहरीले पानी की ज़िम्मेदारी पर सवाल किया जाए तो मंत्री जी पत्रकार पर अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादवजी, न पीड़ितों को मुफ़्त इलाज मिल रहा है, न संवेदना, ऊपर से आपके मंत्री अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लीजिए।

anand prakash

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