इस बार की दिवाली विशेष, देश का हर जिला नक्सल मुक्त, 47 साल में पहली बार नहीं गई किसी जवान की जान : प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि इस बार की दिवाली विशेष है। यह पहली दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और करोड़ों देशवासी वामपंथी आतंकवाद के प्रभाव से मुक्त हो चुके है।उन्होंने कहा कि 47 साल बाद पहली बार पिछले 1 वर्ष में सीआरपीएफ के एक भी जवान की ड्यूटी के दौरान जान नहीं गई है।
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को परंपरा के तहत दीपावली के अवसर पर जवानों के बीच पहुंचे। इस बार वे छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सीआरपीएफ जवानों के बीच पहुंचे।
इस दौरान जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर ही बाहरी दुश्मनों से देश लड़ने में सक्षम होता है। पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को ‘लाइलाज’ बीमारी समझ कर यूं ही छोड़ दिया था। इस तरह की नीति से आगे नहीं बढ़ा जा सकता था। 2014 में मजबूत रणनीति और बुलंद हौसलों के साथ उनकी सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दूर किया और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी। आज इसी के कारण देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सेवाभाव के साथ नक्सल प्रभावित हुए इलाकों में लोगों के जीवन को बदलने का काम किया है और इसी कारण से नक्सलवाद से पीड़ित लोग सरकार और सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़े हैं।प्रधानमंत्री ने इस दौरान सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग और तपस्या की प्रशंसा की और कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही नक्सली आतंक का खात्मा संभव हुआ और विकास की बहार आई। उन्होंने कहा कि वह सभी भारतीयों की ओर से उनका आभार व्यक्त करने के लिए आए हैं।
उन्होंने कहा, “देश की आंतरिक सुरक्षा में लगे सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आइटीबीपी का एक-एक जवान, एसएसबी, आईआरबी और राज्यों की पुलिस का एक-एक सिपाही, बस्तर फाइटर जैसे स्पेशल फोर्स के कमांडो, महिला फाइटर, ये देश आपकी सेवाओं के लिए आपका ऋणी है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने जिस तरह धारा 370 हटाने और देश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने के अपने संकल्प को पूरा किया है, उसी तरह देश को गरीबी से मुक्त करने, नशामुक्त बनाने तथा विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प एवं लक्ष्य को हासिल करने में भी सफल होगी।
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर सचेत करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के बावजूद खतरा पूरी तरह टला नहीं है। उन्होंने कहा कि भले ही जंगलों से नक्सलियों का सफाया हो गया है लेकिन दिमागी नक्सलियों ने कई संगठनों पर कब्जा कर रखा है। राजनीतिक दलों और संगठनों में भी उनकी घुसपैठ है। उनकी पहचान करना जरूरी है। ये लोग देश के संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को उकसा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसके अनुसार, पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी हटाओ के नारे से जो काम संभव नहीं हो पाया, उसे पिछले 12 वर्षों में देश ने करके दिखाया है। उन्होंने गरीब कल्याण के लिए अपनी सरकार की ओर से चलाई गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये योजनाएं एक रंगोली की तरह हैं, जो आपस में जुड़कर एक सुंदर दृश्य बनाती हैं। उन्होंने जनधन, पीएम आवास, मुद्रा, स्वनिधि, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन, सस्ती दवाओं और सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को पहले गरीबी विरासत में मिलती थी, अब उन्हें बेहतर भविष्य की उम्मीद मिल रही है।

