दीपावली-छठ पर रेलवे ने चलाईं 18 हजार अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें, 700 एआई कैमरों से हो रही निगरानी: वैष्णव

दीपावली-छठ पर रेलवे ने चलाईं 18 हजार अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें, 700 एआई कैमरों से हो रही निगरानी: वैष्णव
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नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि दीपावली और छठ सहित त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने करीब 18 हजार अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चलाई हैं।इसके अलावा देश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर करीब 700 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से भीड़ की निगरानी की जा रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 20 प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं।

वैष्णव ने रेल भवन में रेलवे के वॉर रूम की तैयारियों और परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद पत्रकारों से कहा कि दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के दौरान रेलवे के लिए यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। इस चुनौती से निपटने के लिए रेलवे ने पिछले छह महीने से तैयारियां शुरू कर दी थीं। पिछले साल त्योहारी सीजन में करीब 12 हजार विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं, जबकि इस साल इनकी संख्या बढ़ाकर करीब 18 हजार कर दी गई है। इनमें कई विशेष ट्रेनों को नियमित सेवा में भी परिवर्तित किया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में रेलवे ने करीब 75 हजार विशेष ट्रेनें चलाई थीं, जबकि चालू वित्त वर्ष में इनकी संख्या 80 हजार से अधिक होने जा रही है। रेलवे का प्रयास है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों को घर पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो और भीड़ का व्यवस्थित प्रबंधन किया जा सके।

रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 20 स्टेशनों पर अलग से होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां यात्री अपनी ट्रेन के प्रस्थान से पहले आराम से इंतजार कर सकते हैं। इन क्षेत्रों में टिकट काउंटर भी स्थानांतरित किए गए हैं, ताकि यात्रियों को टिकट लेने के लिए स्टेशन परिसर के भीतर जाने की जरूरत न पड़े। सुरक्षा जांच के दौरान लंबी कतारों से बचने के लिए सामान की जांच के वास्ते कई स्कैनिंग काउंटर भी बनाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि रेलवे का वॉर रूम चौबीसों घंटे काम करता है। यहां रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), परिचालन, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहते हैं। वॉर रूम में लाइव हीट मैप के माध्यम से विभिन्न स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जाती है। इसमें हरा रंग सामान्य भीड़, पीला रंग बढ़ती भीड़ और लाल रंग अत्यधिक भीड़ का संकेत देता है। रेल मंत्री के अलावा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से यहां से व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं।

वैष्णव ने कहा कि धनतेरस के दिन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ अधिक थी, जबकि छोटी दीपावली पर स्थिति सामान्य रही। छठ से करीब तीन दिन पहले एक बार फिर यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है। भीड़ के प्रबंधन के लिए शकूरबस्ती, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास विभिन्न स्थानों पर विशेष ट्रेनों को पहले से तैनात किया गया है।

रेल मंत्री के अनुसार, सामान्य दिनों में नई दिल्ली क्षेत्र में प्रतिदिन करीब पांच लाख यात्रियों का आवागमन होता है, जो त्योहारों के दौरान बढ़कर करीब आठ लाख तक पहुंच जाता है। एक अक्टूबर से पांच नवंबर के बीच इस क्षेत्र से करीब दो करोड़ यात्रियों ने यात्रा की है।

उन्होंने कहा कि रेलवे लगातार अपनी व्यवस्थाओं में सुधार कर रहा है। पिछले दस वर्षों के यात्रियों के आवागमन संबंधी आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर यह पता लगाया गया है कि किन स्थानों से किन गंतव्यों के लिए सबसे अधिक यात्री यात्रा करते हैं। इसी आधार पर भीड़ प्रबंधन और विशेष ट्रेनों की तैनाती की योजना तैयार की गई है। पिछले वर्ष नई दिल्ली स्टेशन पर शुरू की गई गोल्डन एरिया पहल को भी यात्रियों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।

सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो साझा किए जाने के सवाल पर वैष्णव ने विपक्ष से अपील की कि वह पुराने वीडियो के जरिए लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि कल विपक्ष के कुछ लोगों ने करीब 78 पुराने वीडियो पोस्ट किए। इस तरह की गतिविधियों के बजाय रेलवे को सुधार के लिए सुझाव दिए जाने चाहिए। कोई भी नागरिक अपने सुझाव दे सकता है और रेलवे खुले मन से उन पर विचार करने को तैयार है।

रेल मंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की सहायता के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी रेलवे के साथ जोड़ा गया है। इनके माध्यम से पेयजल सहित यात्रियों की जरूरत की अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद ली जा रही है। इसके साथ ही भीड़ के मौसम में बेहतर स्थिति में ट्रेनें उपलब्ध कराने के लिए करीब छह महीने पहले से ही उनके रखरखाव की व्यवस्था शुरू कर दी गई थी।

ट्रेनों की देरी और रेलवे नेटवर्क पर बढ़ते दबाव के संबंध में उन्होंने कहा कि इस समय यात्री ट्रेनों के साथ कोयले और अन्य माल की ढुलाई का भी दबाव है। इसका स्थायी समाधान रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना है। पिछले दस वर्षों में करीब 36 हजार किलोमीटर अतिरिक्त रेल पटरियां बिछाई गई हैं। नई रेल लाइनें बिछाने और मौजूदा मार्गों की क्षमता बढ़ाने का काम लगातार जारी है।

वैष्णव ने बताया कि दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को जोड़ने वाले प्रमुख रेल मार्गों सहित सात महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर चार लाइनें बिछाने का काम किया जा रहा है। इनमें दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-कोलकाता और दिल्ली-गुवाहाटी जैसे तिरछे रेल मार्ग भी शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर रेलवे एक हजार से अधिक अतिरिक्त नियमित ट्रेनें चला सकेगा। इससे प्रतीक्षा सूची का दबाव कम करने और यात्रियों को आरक्षण की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

anand prakash

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