पताही में फंदे से लटका मिला युवती का शव, 18 नवंबर को होनी थी शादी
-तीन दिन पहले दहेज में देने के लिए खरीदी गई थी अपाचे बाइक; एफएसएल टीम को बुला रही पुलिस
मोतिहारी। पताही थाना क्षेत्र के परसौनी कपूर गांव में शुक्रवार को एक घर से 19 वर्षीय युवती का शव फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान वार्ड संख्या पांच निवासी राम दयाल सहनी की पुत्री गोल्डी कुमारी के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया जा रहा है।मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को गोल्डी की मां अपने 10 वर्षीय बेटे गुलशन को इलाज कराने के लिए मोतिहारी ले गई थी। घर में गोल्डी अकेली थी, जबकि उसकी छोटी बहन बकरी चराने गई थी।
बताया जाता है कि जब छोटी बहन बकरी चराकर घर लौटी तो गोल्डी का शव कमरे में चुनरी के सहारे फंदे से लटका देखा। इसके बाद उसने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने शाम करीब 5:30 बजे पताही पुलिस को घटना की सूचना दी।सूचना मिलने पर दारोगा हेम शंकर यादव और पंचरत्न सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाया और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जांच-पड़ताल की।
प्रारंभिक जांच के दौरान युवती की गर्दन पर गहरा निशान मिलने की बात सामने आई है। उसके सीने पर ‘लव कुश’ लिखा होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गोल्डी की शादी आगामी 18 नवंबर को तय थी। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं। बताया जाता है कि शादी में दहेज के रूप में देने के लिए परिजनों ने तीन दिन पहले ही अपाचे बाइक खरीदी थी। शादी से कुछ दिन पहले हुई इस घटना से परिवार और गांव में मातम पसरा है।
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि युवती का पड़ोस के एक गांव के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग था और इसी से जुड़े दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।बताया जाता है कि गोल्डी तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। उसका एक छोटा भाई भी है। उसके पिता बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं, जबकि मां दिल्ली में रहती थी और करीब एक महीने पहले ही गांव आई थी।

