फुलपाती उत्सव पर बीरगंज (नेपाल) गहवामाई मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब -डोला यात्रा को नेपाली सेना ने दी सलामी
रक्सौल। नेपाल के वीरगंज स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ गहवामाई मंदिर में शनिवार को शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर फुलपाती उत्सव श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित मेले में नेपाल सहित सीमावर्ती बिहार के विभिन्न इलाकों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
माता के दर्शन और पूजन के लिए मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही। फुलपाती उत्सव के अवसर पर नेपाली समयानुसार सुबह 7:37 बजे माता की डोला यात्रा निकाली गई। नेपाल सेना के चंडी प्रसाद गण बैरक से गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई शोभायात्रा पुष्पवर्षा और माता के जयकारों के बीच मालपोत कार्यालय पहुंची।
वहां निशान भगवती मंदिर से डोला लेकर श्रद्धालु गहवामाई मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में डोला पहुंचने पर नेपाली सेना के अधिकारियों और जवानों ने सलामी देकर सम्मान प्रकट किया।

इसके बाद फुलपाती के प्रतीक स्वरूप केला, धान, हल्दी, बेल, अशोक, जयंती सहित विभिन्न पवित्र वनस्पतियों और नवपत्रों के साथ नौ देवियों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन शुरू हुआ। बड़ी संख्या में महिलाओं ने माता का खोइंछा भरकर सुख-समृद्धि की कामना की।
उत्सव को लेकर गहवामाई मंदिर परिसर, घंटाघर, गीता मंदिर और आदर्शनगर सहित वीरगंज के विभिन्न क्षेत्रों में मेला लगा है। शहर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर के पुजारी राधेश्याम प्याकुरेल ने बताया कि रविवार, 18 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर सुबह से बलिदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

मंदिर समिति के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में वीरगंज के मेयर राजेशमान सिंह सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संघ-संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। वहीं, पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।

