जनगणना में गणनाकारों की पात्रता बढ़ाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

जनगणना में गणनाकारों की पात्रता बढ़ाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने जनगणना-2027 के लिए गणनाकारों की नियुक्ति के पात्रता नियमों में बदलाव को लेकर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इसके जरिए एक ही विचारधारा के हजारों कार्यकर्ताओं को रोजगार देने की तैयारी कर रही है।इससे जनगणना की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। पार्टी ने इस संबंध में 16 अक्टूबर को जारी अधिसूचना को संघ के प्रशिक्षण कार्यक्रम और केंद्रीय गृह मंत्रालय की जनसांख्यिकीय परिवर्तन समिति की गतिविधियों के संदर्भ में देखने की बात कही।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट में दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 10 से 12 जुलाई तक कर्नाटक के बेलगावी में अपने कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था। शिविर में जनगणना को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने 14 अक्टूबर को जनसांख्यिकीय परिवर्तन संबंधी उच्चस्तरीय समिति की ओर से आम लोगों और भारतीय एवं विदेशी संगठनों से सुझाव मांगे जाने का भी उल्लेख किया।

रमेश ने आरोप लगाया कि इन घटनाक्रमों को जनगणना के लिए गणनाकारों की पात्रता बढ़ाने के फैसले से जोड़कर देखा जाना चाहिए।केंद्र सरकार ने 16 अक्टूबर को जनगणना नियम-1990 में संशोधन की अधिसूचना जारी की। इसके तहत गणनाकारों के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र लोगों की श्रेणियों का विस्तार किया गया है। अब सरकारी और स्थानीय निकायों के शैक्षणिक संस्थानों के अलावा सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों, सोसाइटियों तथा ट्रस्टों के शिक्षक भी इस काम के लिए नियुक्त किए जा सकेंगे।

केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों, वैधानिक निकायों, बैंकों, कंपनियों, संस्थानों, सोसायटियों और ट्रस्टों के लिपिकों तथा अन्य अधिकारियों को भी पात्र श्रेणी में शामिल किया गया है। राज्य सरकारें और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन जनगणना कार्य के लिए अन्य उपयुक्त व्यक्तियों को भी नियुक्त कर सकते हैं।

रमेश ने गृह मंत्रालय की ओर से 26 मई 2026 को गठित उच्चस्तरीय जनसांख्यिकीय परिवर्तन समिति पर भी सवाल उठाए। समिति को देश में जनसांख्यिकीय बदलावों, उनके कारणों और उनसे संबंधित नीतिगत एवं प्रशासनिक उपायों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति ने 14 अक्टूबर को जनसांख्यिकीय बदलावों से संबंधित जानकारी और सुझाव जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत सरकारी विभागों, संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और आम लोगों से जानकारी मांगी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गणनाकारों की पात्रता में बदलाव का इस्तेमाल संघ और भाजपा से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। इससे पहले से प्रभावित जनगणना प्रक्रिया पर और सवाल खड़े होंगे। जनगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

anand prakash

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